बदरीनाथ हाईवे चौड़ीकरण के तहत इन दिनों हेलंग से मारवाड़ी तक बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बाईपास के बनने से वाहनों को जोशीमठ तक की 15 किमी की अतिरिक्त दूरी नहीं नापनी पड़ेगी।
बदरीनाथ हाईवे के हेलंग-मारवाड़ी बाईपास निर्माण का मलबा लगातार नदी में डालने पर कार्यदायी संस्था केसीसी कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
बदरीनाथ हाईवे चौड़ीकरण के तहत इन दिनों हेलंग से मारवाड़ी तक बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बाईपास के बनने से वाहनों को जोशीमठ तक की 15 किमी की अतिरिक्त दूरी नहीं नापनी पड़ेगी। वे सीधे हेलंग से मारवाड़ी (5 किमी) पहुंचेंगे। इस बाईपास का निर्माण कर रही केसीसी कंपनी सड़क कटिंग का मलबा अलकनंदा नदी में डाल रही थी जिसके चलते बीते आठ दिसंबर को ही में एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी ने सड़क निर्माण पर रोक लगा दी थी।
एसडीएम ने कहा था कि बाईपास का निर्माण तभी होगा जब नदी किनारे दीवार का निर्माण होगा जिससे मलबा नदी में नहीं जा सकेगा। अब नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने भी मलबा नदी में गिराने पर कंपनी पर जुर्माना लगाया है। पार्क के एसडीओ शिशुपाल सिंह रावत ने बताया कि सड़क का मलबा नदी में डालने पर कार्रवाई करते हुए संबंधित कंपनी का 50 हजार रुपये का चालान किया गया है।