क्षेत्र को आपदा प्रभावित घोषित करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे आपदा प्रभावितों का धरना 93वें दिन भी जारी रहा। तीन महीने से अधिक समय से धरने पर डटे प्रभावितों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी प्रभावितों को राहत देनी चाहिए।
जोशीमठ में भू-धंसाव तेज होने के साथ ही जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आपदा प्रभावितों ने तहसील परिसर में धरना शुरू किया था। तब से एक दिन भी प्रभावित धरने से हटे नहीं। इस बीच बारिश, बर्फबारी से ठंड बढ़ी लेकिन प्रभावितों का धरना निर्बाध रूप से जारी रहा। धरना दे रहे प्रभावित पूरे जोशीमठ क्षेत्र को आपदा प्रभावित घोषित करने, जोशीमठ में आपदा को लेकर वैज्ञानिकों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, एनटीपीसी की परियोजना पर रोक लगाने, जोशीमठ की आपदा के लिए एनटीपीसी को जिम्मेदार मानते हुए जुर्माना लगाने, समग्र विस्थापन व पुनर्वास नीति घोषित करने की मांग कर रहे हैं। धरना देने वालों में समिति के संयोजक अतुल सती, प्रवक्ता कमल रतूड़ी, प्रकाश नेगी, मीना डिमरी और गीता परमार आदि शामिल रहे।