उमस भरी गर्मी से परेशान कपीरी पट्टी के लोग बारिश के लिए अपने गांवों से आठ किलोमीटर पैदल चढ़ाई चढ़कर नाखल देवता के पास पहुंचे। लोगों ने देवता की पूजा शुरू की और देवता के पश्वा अवतरित होते ही बारिश आ गई। पूरा जंगल देवताओं की जयकारों से गुंजायमान हो गया।
कई दिनों से भयंकर गर्मी पड़ रही थी। गर्मी और बारिश न आने से खेतों में फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई थीं। ऐसे में कनखुल, बिडोली, ग्वाड़, डोंठला गांव के लोगों ने पहले कनखुल के जिठाईं देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर 130 ग्रामीण सुबह रवाना हुए और दोपहर 12 बजे आठ किमी पैदल चलकर नाखल देवता के पास बारिश की फरियाद को लेकर गए। देवता की मुंडेरी पर पंडित देवी प्रसाद बरमोला ने पूजा पाठ शुरू कर देवताओं का आह्वान किया। पूर्व प्रधान भगवान कंडवाल, देवता के पश्वा गजेंद्र कंडवाल, शशि कला देवी, किरन देवी, मोहन सिंह, सुरेंद्र सिंह, दर्शन सिंह, गोविंद सिंह, मनवर सिंह, शूरवीर सिंह, हरि तोपाल, महाबीर सिंह ने बताया कि ढोल दमाऊं की थाप पर देवता के पश्वा अवतरित हुए और देखते ही देखते शाम को 4.30 बजे तेज बारिश आ गई। ग्रामीणों ने कहा कि करीब 16 साल पहले भी जब बारिश नहीं आई थी ग्रामीण नाखल देवता की शरण में गए थे।