11 सूत्री मांगों के लिए जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा
कहा-दो दिन में मांगों पर सहमति नहीं बनी तो आगे के आंदोलन की बनाएंगे रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। भू-धंसाव से प्रभावित लोगों ने तहसील में मांगों के लिए दो दिवसीय धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन भवनों को तोड़ा जा रहा है उन्हें विस्थापित भी नहीं किया गया है। उन्होंने विस्थापन करने समेत कई मांगें पूरा करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि दो दिन में मांगों पर कोई सहमति नहीं बनने पर आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
सोमवार को जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े लोग और आपदा प्रभावितों ने नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में धरना शुरू किया। समिति के संयोजक अतुल सती ने कहा कि आपदा के तीन साल बाद नगर में सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए गए। मगर अधिक प्रभावित स्थलों पर कार्य न होकर दूसरे स्थानों पर कार्य कराए जा रहे हैं। ऐसे में अब गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूर्व में इसको लेकर वैज्ञानिक कई सवाल उठा चुके हैं जिनपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिन भवनों को तोड़ा जा रहा है उन्हें विस्थापित भी नहीं किया गया है। पूर्व में मुख्यमंत्री को 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा था जिसमें प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर भूमि के बदले भूमि, राजीव आवास व प्रधानमंत्री आवास, पुश्तैनी भवनों का मूल्यांकन कर उचित मुआवजा देने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। आपदा प्रभावित ललीता देवी व मुकेश कुमार ने कहा कि पहले विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हो उसके बाद भवनों को तोड़ा जाए। यदि इन मांगों पर सहमति नहीं बनती तो दो दिन बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इस अवसर पर प्रकाश भोटियाल, दीपक टम्टा, सचिन रावत, पुष्कर लाल, ज्योति देवी, भावना देवी, लक्ष्मी देवी, पिंकी देवी, सोनाली सहित अन्य लोग मौजूद रहे।