फूलों की घाटी में फूलों के आगे लगाई नाम लिखी तख्तियां।
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फूलों की घाटी आने वाले पर्यटक अक्सर यहां खिलने वाले फूलों के नाम से परिचित नहीं हो पाते हैं। गाइड साथ न हो तो यह दिक्कत और बढ़ जाती है। मगर अब यहां आने वाले पर्यटकों को अधिकांश फूलों के नाम और उनके खिलने के समय के बारे में आसानी से जानकारी मिल रही है। एक एडवेंचर कंपनी ने फूलों के पास उनके नाम की तख्तियां लगाई हैं, जिससे फूलों के बारे में आसानी से जानकारी मिल रही है।
फूलों की घाटी में 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। अब यहां पर एक एडवेंचर कंपनी ने 50 से अधिक प्रजाति के फूलों पर उनके नाम और खिलने के समय की तख्तियां लगाई हैं। नंदा देवी नेशनल पार्क के डीएफओ नंदा बल्लभ शर्मा ने बताया कि विभाग से अनुमति लेकर कोई भी कंपनी घाटी में फूलों की पहचान के लिए तख्तियां लगा सकती है। जैसे ही फूलों की प्रजाति का समय समाप्त होगा विभाग इन तख्तियों को निकाल लेगा।
एडवेंचर एसोसिएशन ने जताई आपत्ति
जोशीमठ। एडवेंचर एसोसिएशन जोशीमठ ने फूलों की घाटी में ऐसी तख्तियों को लगाने पर आपत्ति जताई। एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक पंवार का कहना है कि यहां पर लगाई गई तख्तियों में प्लास्टिक मिला हुआ है, जिससे यहां की जैव विविधता को खतरा हो सकता है। इसलिए यहां पर शुद्ध जैविक तख्तियां लगनी चाहिए। संवाद