राज्यपाल के सलाहकार रविंद्र सिंह और प्रकाश मिश्रा ने सोमवार को बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों को बीआरओ की ओर से बताया गया कि बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ भूस्खलन जोन का एक साल के भीतर स्थायी ट्रीटमेंट किया जाएगा।
इसके लिए केंद्र सरकार से 90 करोड़ के इस्टीमेट को हरी झंडी मिल गई है। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा लामबगड़ में इस बार भी वन वे ट्रैफिक के अनुसार ही संचालित होगी।
दोनों अधिकारी सुुबह नौ बजे हेलीकॉप्टर से गोविंदघाट और फिर कार से बदरीनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने बदरीनाथ हाईवे पर नासूर बने लामबगड़ भूस्खलन जोन का स्थलीय निरीक्षण किया। लामबगड़ भूस्खलन जोन के स्थाई ट्रीटमेंट को लेकर उन्होंने लोक निर्माण विभाग (एनएच) और बीआरओ के अधिकारियों से बात की।
अधिकारियों ने बताया कि लामबगड़ भूस्खलन जोन के स्थाई ट्रीटमेंट पर एक वर्ष का समय लगेगा। 30 अप्रैल तक टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर जून माह से ट्रीटमेंट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बैनाकुली में दोनों अधिकारियों ने वहां चल रहे हाईवे निर्माण कार्य का जायजा लिया और बदरीनाथ धाम में सीवर लाइन और पेयजल लाइन के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। सलाहकार देश के अंतिम गांव माणा भी पहुंचे।
धाम में करीब एक घंटा रहने के बाद वे पुन: कार से गोविंदघाट पहुंचे। यहां उन्होंने हेमकुंड साहिब के लिए बनाई गई सड़क का निरीक्षण किया। सलाहकार रविंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से चार धाम यात्रा के साथ ही कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए 11 हजार करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है।
चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा महसूस न हो, इसके लिए अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करें। दोपहर बाद दोनों अधिकारियों ने जोशीमठ में जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए उन्हें सुगम और सुरक्षित तीर्थयात्रा के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे औली
राज्यपाल के सलाहकार रविंद्र सिंह और प्रकाश मिश्रा ने सोमवार को जोशीमठ नृसिंह मंदिर में मत्था टेका। इसके बाद वे नगर पालिका के कूड़ा निस्तारण के लिए बनाए गए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान का निरीक्षण करने भी गए। दोनों अधिकारी रात्रि विश्राम के लिए देर शाम हिम क्रीड़ा स्थली औली पहुंचे। वहां से मंगलवार को सुबह आठ बजे हेलीकॉप्टर से देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगे।