पांच गांव की महिलाएं लड्डू बनाकर मजबूत कर रहीं आर्थिकी भी
बदरीनाथ के प्रसाद के रूप में होता है प्रयोग
ब्लॉक जोशीमठ के पांच गांव की महिलाएं बदरीनाथ के प्रसाद में शामिल चौलाई के लड्डू बनाकर यात्रियों को बेच रही हैं और अपनी आर्थिकी भी मजबूत कर रही हैं। महिलाएं विभिन्न माध्यमों से अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये के लड्डू बेच चुकी हैं। यह लड्डू यात्रियों को भी खूब पसंद आ रहे हैं और वह इसे घर भी लेकर जा रहे हैं।
ब्लॉक जोशीमठ के पैनी, सेलंग, जोशीमठ, मेरंग व पांडुकेश्वर गांव की महिला समूह गावों में उत्पादित हो रहे चौलाई से लड्डू बना रही हैं। यह लड्डू बदरीनाथ के प्रसाद में भी प्रयोग होता है। महिलाएं बदरीनाथ और नृसिंह मंदिर में केनोपी और स्टॉल लगाकर लड्डू बेच रही हैं। इन दिनों यात्रा चरम पर है जिससे लड्डू की बिक्री भी खूब हो रही है। खंड विकास अधिकारी मोहन जोशी ने बताया कि पिछले साल यात्रा के दौरान तीन लाख तक के लड्डू बेचे गए थे। अभी यात्रा शुरू हुए डेढ़ महीना ही हुआ और अभी यह आंकड़ा डेढ़ लाख के करीब पहुंच गया है।
50 रुपये में बिक रहे चार लड्डू
- चौलाई के लड्डू दो तरह से बनाकर बेचे जा रहे हैं। एक दाने वाले और दूसरे चौलाई को पीसकर। दाने वाले लड्डू एक बॉक्स में चार पीस होते हैं और यह 40 से 50 रुपये में बिक रहा है। जबकि चौलाई को पीसकर बनाए गए लड्डू करीब 500 रुपये किलो बिक रहे हैं। बदरीनाथ में ब्लॉक मुख्यालय के स्टॉल के अलावा हेस्को का स्टॉल भी है, जहां लड्डू बेचे जा रहे हैं। महिलाएं अन्य एनजीओ के साथ व खुद भी लड्डू बेच रही हैं। ब्लॉक मुख्यालय के स्तर से ही करीब 80 हजार रुपये के लड्डू बेचे जा चुके हैं। अन्य माध्यमों से भी करीब इतने के ही लड्डू बिक चुके हैं।