लगातार हो रही बारिश से कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदी खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। प्रशासन ने दोनों नदियों के किनारे रहने वाले लागों का अलर्ट कर दिया है। नदियों के किनारे बने घाट पानी डूब गए हैं। घटगाड, जखेड़, राड़खी गदेरों में भी पानी बढ़ गया है।
कर्णप्रयाग, गौचर, सिमली, थराली, देवाल, नारायणबगड़, गैरसैंण, आदिबदरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बृहस्पतिवार से बारिश जारी है। सिमली और सिरोली में रानीखेत हाईवे पर मलबा आने से करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कों पर मलबा आ गया। वहीं, कर्णप्रयाग के सुभाषगर में एक मकान का पुश्ता ढह गया है। बारिश के कारण लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। पिंडर व अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से कर्णप्रयाग में नामामि गंगे के घाट पानी में डूब गए हैं। बारिश से सिमली-शैलेश्वर, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण, बेनीताल आदि मार्गों पर मलबा आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिमली में पिंडर नदी का पानी बढ़ने से लोग दहशत में हैं। सब्जी मंडी क्षेत्र में कनखुल रोड से लोगों के घरों में पानी आ रहा है। गोपी डिमरी, बलबीर आदि ने बताया कि सिमली में पिंडर नदी किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
तहसीलदार कर्णप्रयाग सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि नदियों के किनारे रहने वालेे लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। बारिश जारी रही तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा। अभी दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं।