आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार जारी, केंद्रों पर ठप पड़ीं गतिविधियां
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार चार दिनों से जारी है। इस कारण आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार का वितरण कार्य ठप हो गया है। साथ ही बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाली गतिविधियां भी बंद पड़ी हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब 26 फरवरी को देहरादून में मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
मानदेय बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 21 फरवरी से कार्य बहिष्कार पर डटे हैं। जिले में 1078 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिसमें 724 आंगनबाड़ी और 354 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों से पका हुआ भोजन पाने वाले बच्चों की संख्या 8918 है, जबकि केंद्रों से टीएचआर (टेक होम राशन) लेने वाले बच्चों की संख्या 13446 है। गर्भवती 2234 और धात्री महिलाएं 2602 हैं जिन्हें केंद्रों से पोषण आहार वितरित होता है, लेकिन कार्य बहिष्कार के कारण किसी को भी पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष आशा थपलियाल, अनीता नेगी, गीता, रुद्रा रावत, मंजू, उर्मिला, सरस्वती आदि कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर डटे रहे।
चिन्यालीसौड़/पुरोला/मोरी। चिन्यालीसौड़ सहित पुरोला और मोरी में बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मांगें पूरा नहीं हुईं तो आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल करेंगे। चिन्यालीसौड़ में बसंता रावत, राजवंती परमार, बसंती रमोला, अहिल्या महर, नीलम, पुरोला में सीमा सोनी, विनीता, कुसुम, मोरी में उर्मिला चौहान, शुभा आदि मौजूद रहे।
श्रीनगर। संगठन की खिर्सू ब्लॉक अध्यक्ष आशा भट्ट ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जितना काम लिया जाता है उतना उन्हें मेहनताना नहीं मिलता है। अब 26 फरवरी को देहरादून में मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस मौके पर संगठन की सचिव कल्पेश्वरी, रोशनी भंडारी और मनोरमा आदि मौजूद थी।