पेयजल लाइन भी जगह-जगह टूटी
ग्राम प्रधान भरत सिंह बुटोला, पूर्व प्रधान हयात सिंह, वीरेंद्र सिंह कुंवर, विनोद बुटोला, राहुल सिंह, पवन सिंह, जितेंद्र सिंह बुटोला, विक्रम सिंह, रमेश, मथुरा प्रसाद हटवाल, जगदीश प्रसाद, मोहन सिंह आदि का कहना है कि उनका गांव सिर्फ नाम का ही आदर्श ग्राम है। अभी तक सड़क सुविधा न होने से 5 किमी पैदल चलना पड़ता है। कई बार जिला प्रशासन से लेकर शासन तक गांव में सुविधाएं देने की मांग की है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गांव में पेयजल की किल्लत भी बनी हुई है। दो दशक पूर्व जल निगम की ओर से किमाणा गांव के समीप के प्राकृतिक जलस्रोत से द्वींग के लिए पेयजल लाइन बिछाई गई थी लेकिन अब यह लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त पड़ी है जिससे ग्रामीणों को पेयजल की व्यवस्था करने के लिए भी भटकना पड़ता है।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: प्रदेश के इन शहरों में 29 को आ रहे यात्री दें ध्यान, वाहनों का चक्का जाम, रहेंगे परेशान
अटल आदर्श ग्राम द्वींग में सुविधाएं जुटाई जाएंगी। अटल आदर्श ग्राम चयनित होने के बाद इस गांव में सुविधाएं देने के लिए योजना बनी होगी इसे दिखवाया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर गांव में सुविधाएं मुहैया करा ली जाएंगी। लोनिवि से गांव के लिए निर्माणाधीन सड़क की रिपोर्ट ली जाएगी।
- डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी, चमोली