चमोली जिले के सबसे दूरस्थ मतदान केंद्र डुमक गांव के ग्रामीण राज्य गठन के बाद चौथी बार विधान सभा चुनाव में प्रतिभाग करने जा रहे हैं, लेकिन आज भी ग्रामीणों की एकमात्र सड़क की मांग पूरी नहीं हो पाई है। हर चुनाव में ग्रामीण प्रत्याशियों के सामने सड़क की मांग रखते हैं, लेकिन ग्रामीणों की मांग अधूरी है। सड़क के अभाव से गांव के ग्रामीण 24 किमी की पैदल दूरी नाप रहे हैं।
गांव में मौजूदा समय 70 परिवार रहते हैं, जिनमें से करीब 250 मतदाता हैं। गांव के लिए 2003 में राज्य सरकार ने 29 किमी कुजाऊं-डुमक मोटर मार्ग स्वीकृत की थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के कारण 13 साल बाद भी सड़क का निर्माण कार्य मात्र पांच किमी तक हो पाया है।
सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने कई बार जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन भी किया। बावजूद इसके आज तक गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। ग्राम प्रधान सरस्वती देवी का कहना है कि ग्रामीणों को विधायक और जिला प्रशासन की ओर से मात्र झूठे आश्वासन ही मिल रहे हैं। कई बार बीडीसी बैठक में सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया जा चुका है।
जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिए, पर इसका कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीण बचन सिंह का कहना है कि अब सोच समझकर मतदान करेंगे। स्वच्छ छवि वाले प्रत्याशी को ही अपना समर्थन देंगे।
कुजाऊं-मैकोट-डुमक मोटर मार्ग का काम निर्माणाधीन है।
चट्टानी भाग होने के कारण सड़क निर्माण कार्य थोड़ा धीमा चल रहा है। निर्माणदायी संस्था पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से सड़क निर्माण की प्रगति आख्या मांगी जाएगी। जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण करवा लिया जाएगा।- विनोद कुमार सुमन, डीएम, चमोली