श्री राज राजेश्वरी चंडिका माता
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माघ माह की संक्रांति को पौराणिक परंपराओं और मान्यताओं के तहत श्री राज राजेश्वरी चंडिका माता मंदिर सिमली के 15 दिनों के लिए बंद हुए कपाट रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन के साथ खोल दिए गए हैं। श्री राज राजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली के पुजारी हरि प्रसाद गैरोला, कृष्ण गैरोला, प्रदीप गैरोला ने ब्रह्म मुहूर्त में विधि विधान से मां चंडिका के कपाट खोलने की प्रक्रियाएं संपादित की।
वैदिक मंत्रों के साथ पंचद्रव्यों से देवी का स्नान और शृंगार किया। दुर्गा सप्तशती, चंडी पाठ आदि वैदिक मंत्रों से मां चंडिका की आराधना कर पंचज्वाला आरती की गई। मंदिर प्रांगण में विधि विधान से हवन किया गया।
सिमली गांव के प्रधान जोध सिंह लडोला ने बताया कि पौराणिक परंपराओं और मान्यताओं के तहत माघ माह की संक्रांति को चंडिका माता के कपाट 15 दिनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं, जो रविवार को माघ माह की 15 गते को विधि-विधान से खोल दिए गए हैं। इस मौके पर इंद्र सिंह नेगी, प्रेम सिंह बिष्ट, वीरेंद्र सिंह लडोला, संतोष गैरोला, हरिकृष्ण भट्ट, विक्रम कठैत, जयदीप गैरोला सहित कई श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।