बदरीनाथ हाईवे के सुधारीकरण में जुटी एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग बुनियादी ढांचा विकास) की कार्यदायी संस्था एनकेजी के अधिकारियों को गाड़ी गांव के ग्रामीणों का गुस्सा झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के साथ ही एक घंटे तक कंपनी के वाहन रोक दिए और मौके पर पहुंचे कंपनी के अधिकारियों का घेराव किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी सहमति के कंपनी ने वन पंचायत की भूमि पर निर्माण सामग्री रखी और भूमि को खुर्द-बुर्द कर दिया।
सोमवार सुबह दस बजे ग्राम पंचायत गाड़ी के ग्रामीण भारी संख्या में बिरही में पहुंचे। उन्होंने यहां एनकेजी कंपनी की ओर से निर्माणाधीन सीमेंट के स्कपर का निर्माण रुकवाया और वाहनों की आवाजाही रोक दी। करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे कंपनी के अधिकारियों का ग्रामीणों ने घेराव किया। ग्रामीणों ने कहा कि बिना उनकी सहमति के वन पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। यह गौचर पनघट की भूमि है। कहा गया कि नमामि गंगे और एक अन्य कंपनी की ओर से भी भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारियों से क्षेत्र में पौधरोपण करने, स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराने और वन भूमि को पहुंचाई जा रही क्षति का क्षतिपूर्ति देने की मांग उठाई। इस मौके पर ग्राम प्रधान विजय लक्ष्मी देवी, सरपंच तारेंद्र सिंह गड़िया, डब्बल सिंह, भीम सिंह, प्रकाश सिंह, जयदीप, भरत सिंह, कमला देवी, लक्ष्मी देवी, लज्जू देवी, विक्रम सिंह, मुर्खल्या, गंगा सिंह, रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे।
कोट
कंपनी की ओर से बिरही नदी के किनारे बदरीनाथ हाईवे पर जगह-जगह स्कपर का निर्माण किया जा रहा है। जहां भूमि को नुकसान पहुंचा है उसे ठीक कर दिया जाएगा। ग्रामीणों से वार्ता हो गई है, जल्द कार्य पूरा कर दिया जाएगा। ग्रामीणों की अन्य मांगों पर विचार किया जाएगा। - गजेंद्र गौड़, प्रबंधक, एमकेजी कंपनी, बिरही, चमोली।