नारायणबगड़। नलगांव-कफोली-बमियाला मार्ग एक सप्ताह से बंद है जिससे बमियाला गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीते एक सप्ताह पहले बारिश के कारण बोल्डर गिरने से सड़क का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल ने अभी तक मार्ग खोलने के कोई प्रयास नहीं किए हैं। इससे स्कूली बच्चों को कफोली इंटर कॉलेज पहुंचने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर पैदल चलने लायक रास्ता बनाया है। हालांकि नारायणबगड़ आने के लिए उन्हें अभी पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। रोजमर्रा का सामान पीठ पर ढोकर ले जाना पड़ रहा है। कृपाल सिंह ने बताया कि ब्रिडकुल के इंजीनियर सड़क खोलने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वे टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने का हवाला दे रहे हैं। संवाद
देवाल-खेता मार्ग पर बंद
देवाल। देवाल-खेता मार्ग शुक्रवार रात से सुयालकोट में भूस्खलन के कारण बंद है। इससे करीब दस हजार आबादी का संपर्क कट गया है। लोनिवि ने मलबा हटाने के लिए पोकलेन मशीन लगाई है। सुयालकोट में कई वर्षों से भूस्खलन हो रहा है और विभाग इसका स्थायी उपचार नहीं कर पाया है। पूर्व विधायक जीत राम ने रविवार को कोटेडा गांव और सुयालकोट का दौरा किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। लोनिवि थराली के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि गमलीगाड और सुयालकोट में मलबा हटाने के लिए पोकलेन मशीन स्थायी रूप से तैनात है। देवाल-खेता के अलावा सभी सड़कें खोल दी गई हैं और यह मार्ग भी जल्द खुल जाएगा। संवाद