आखिरकार सात माह बाद रतगांव के ग्रामीणों की आवाजाही सुचारु हो गई है। ग्रामीणों की ओर से ढाढरबगड़ नदी में लकड़ी की अस्थायी पुलिया का निर्माण कर दिया गया है वहीं बुरसोल में सड़क पर आए मलबे को हटा दिया गया है। अब ग्रामीणों के साथ ही वाहन भी गांव आसानी से पहुंचने लगे हैं।
17 जून को रतगांव के ऊपर बुग्याल क्षेत्र में बादल फटने से ढाढरबगड़ नदी में आई बाढ़ से बैलीब्रिज और 500 मीटर सड़क बह गई थी। साथ ही बूंगा गांव के नीचे भूस्खलन से डुंग्री से रतगांव को जोड़ने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से रतगांव का आपस में संपर्क कटा हुआ था। बूंगा गांव के नीचे बुरसोल के ग्रामीणों की भूमि धंस रही थी जिस कारण बुरसोल के ग्रामीणों ने सड़क खोलने पर आपत्ति जताई थी। तहसील प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद पीएमजीएसवाई और लोनिवि ने सड़क से मलबा हटा दिया और फिर ग्रामीणों ने ढाढरबगड़ में अस्थायी पुलिया बना दी। अब ग्रामीणों की आवाजाही सुचारु हो गई है। सात माह बाद सड़क संपर्क होने ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। रतगांव के प्रधान महिपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, पृथ्वी सिंह, जगमोहन सिंह, चरण सिंह ने कहा कि सड़क खुलने से अब रतगांव का आलू दिल्ली की आजादपुर मंडी और हल्द्वानी पहुंचने लगेगा। उन्होंने ढाढरबगड़ में शीघ्र बैली ब्रिज या मोटर पुल के निर्माण की मांग की। वहीं, लोक निर्माण विभाग के ईई दिनेश मोहन गुप्ता ने बताया कि यहां पर बैलीब्रिज बनाया जाएगा।