-6 लाख रुपये की सहयोग राशि भी दी, उपकरण और पौध भी कराई जाएगी उपलब्ध
-महिलाएं कुटकी का पाउडर खुद तैयार करेंगी, बाजार में 1150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है कुटकी
दीपक कुमार
कर्णप्रयाग। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के वाण गांव में महिलाएं कुटकी उत्पादन के जरिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। जिलाधिकारी और सीडीओ चमोली के निर्देश पर ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) इस पहल को आगे बढ़ा रही है। रीप ने ग्राम संगठन से जुड़ी पांच महिला समूहों की करीब 25 महिलाओं को इस योजना से जोड़ा है और इसके लिए छह लाख रुपये की सहयोग राशि भी प्रदान की है। परियोजना के तहत सबसे पहले जड़ी-बूटी एवं अनुसंधान से एक समूह को कुटकी के पौधे दिए जाएंगे, जिन्हें नर्सरी में तैयार कर अन्य समूहों में वितरित किया जाएगा। रीप उत्पादन के लिए पौधे, उपकरण, वॉशिंग और पैकेजिंग मशीन के साथ-साथ खरीदार की भी व्यवस्था करेगा। महिलाएं उपकरणों की मदद से कुटकी का पाउडर तैयार करेंगी, जिसे “हिलांस” ब्रांड के नाम से बेचा जाएगा। रीप के सहायक प्रबंध सेल्स ताजबर गुसाईं के अनुसार कुटकी की कीमत लगभग 1150 रुपये प्रति किलो है और एक परिवार एक सीजन में करीब 50 किलो उत्पादन कर सकता है। इस तरह महिलाएं एक सीजन में 14 लाख रुपये से अधिक की आमदनी कर सकती हैं। कुटकी उत्पादन की प्रक्रिया लगभग छह माह की होती है, जिसमें जुलाई से दिसंबर तक पौध तैयार की जाती है।
वर्जन के लिए......
वाण गांव में कुटकी का अच्छा उत्पादन होता है। ऐसे में महिलाओं को कुटकी उत्पादन के जरिए मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे की घर बैठे ही अच्छी आमदनी हो सकेगी।....शशिकांत यादव, जिला परियोजना प्रबंधक रीप चमोलीजारी-