चमोली जिले में बीते दिनों हुई बारिश के बाद भूस्खलन और भू-धंसाव से अभी भी 28 संपर्क मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। पोखरी ब्लाक के उडामांडा, रौता क्षेत्र में सड़कें बंद होने से रसोई गैस की सप्लाई ठप पड़ी है। नारायणबगड़, थराली, देवाल, गैरसैंण क्षेत्र में भी सड़कें जगह-जगह बंद हैं। थराली देवाल मार्ग सुनगाड गदेरे के पास चट्टान गिरने से ठप पड़ गया है। यहां वाहनों की आवाजाही न होने से लोग करीब दो किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर रहे हैं।
नारायणबगड़ क्षेत्र में परखाल-चोपता-भटियाणा सड़क बंद होने से ग्राम पंचायत चोपता, भंगोटा, कूश, रैंस, कोठली, भटियाण, लोदला, बेथरा, कफारतीर के साथ ही अन्य छोटे गांवों के ग्रामीण करीब तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। मींग गदेरा-मींग-बैनोली और भगोती-मौणा सड़क जगह-जगह मलबा आने और घाट क्षेत्र में ल्वाणी सड़क बंद पड़ी है। जोशीमठ क्षेत्र में हेलंग-उर्गम सड़क अभी तक भी नहीं खुल पाई है, जिस कारण उर्गम घाटी के ग्रामीण जंगल के रास्ते आवागमन कर रहे हैं। नीती घाटी के द्रोणागिरी, कागा और गरपक गांव को जोड़ने वाले पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी कहना है कि संपर्क मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं। मौसम ने साथ दिया तो तीन दिनों में सभी सड़कें खोल दी जाएंगी।
मलारी हाईवे खुला
गोपेश्वर। चीन सीमा क्षेत्र के नीती घाटी को जोड़ने वाला मलारी हाईवे भापकुंड में वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। हाईवे खुलने पर घाटी में फंसे करीब 80 वाहनों को निकाला गया।