फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाबालिग से दुराचार और हत्या पर उम्रकैद

Mon, 01 May 2017 10:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
विज्ञापन
विज्ञापन
नाबालिग के साथ दुराचार और उसकी निर्मम हत्या करने के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश कहकशा खान की अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त उत्तराखंड पुलिस का बर्खास्त सिपाही है और गिरफ्तारी के दिन से ही न्यायिक अभिरक्षा में पुरसाड़ी कारागार में बंद है।
विज्ञापन


घटना 13 सितंबर वर्ष 2015 की है। चमोली जिले के एक क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग सुबह सात बजे अपने घर से डिब्बे में दूध लेकर किसी परिचित के यहां देने जा रही थी। तभी एक युवक वीरेंद्र लाल ने उसे अकेला पाकर उससे दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव पत्थर के नीचे दबा दिया। मृतका के चाचा ने उसी दिन राजस्व पुलिस में नामजद मुकदमा दर्ज कराया।

पुलिस ने दुराचार, हत्या और पोक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम चमोली ने मामले की जांच राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित की। जांच के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। सोमवार को विशेष सत्र न्यायाधीश कहकशा खान ने वीरेंद्र लाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सरकार की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह बर्तवाल ने की।
विज्ञापन


अभियुक्त की गिरफ्तारी को लगाया था सात घंटे जाम

अभियुक्त वीरेंद्र लाल पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। 13 सितंबर 2015 को स्थानीय लोगों ने आरोपी वीरेंद्र लाल की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग पर सात घंटे तक नारायणबगड़-भगोती मार्ग पर चक्का जाम कर दिया था।

उसी दिन दोपहर में साढ़े 12 बजे राजस्व पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। इस पर भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह शाम चार बजे पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस व राजस्व अधिकारियों का घेराव कर आरोपी को सामने लाने की मांग करने लगे। शाम सात बजे पुलिस आरोपी को कड़ी सुरक्षा में जनता के सामने लाई और फिर उसे ले गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें