ब्लाक को शराब मुक्त करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब उग्र होने लगा है। सोमवार को ब्लाक मुख्यालय पर महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें ब्लाक को शराब मुक्त करने का संकल्प लिया गया।
निर्णय लिया गया कि ब्लाक के विधायक हों या अन्य जनप्रतिनिधि यदि शराब विरोधी आंदोलन में नेताओं का समर्थन नहीं मिला तो महिलाएं संबंधित नेताओं का घेराव करने के लिए बाध्य होंगी। कहा गया कि ब्लाक को शराब मुक्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत में 45 ग्राम पंचायतों की महिलाएं शामिल थीं।
ब्लाक को शराब मुक्त करने की मांग को लेकर महिलाएं 24 दिनों से आंदोलन पर हैं। महिलाओं के धरने को देखते हुए प्रशासन को यहां संचालित शराब की दुकान को सील करना पड़ा। इसके बाद भी महिलाओं का आंदोलन जारी है।
सोमवार को शराब विरोधी संघर्ष समिति की ओर से महापंचायत बुलाई गई। महापंचायत में कहा गया कि जब तक ब्लाक को शासन और आबकारी विभाग शराब मुक्त रखने की घोषणा नहीं करता तब तक आंदोलन जारी रहेेगा। महिलाओं ने कहा कि सरकार कृषि, पर्यटन, तीर्थाटन, लघु उद्योगों को रोजगार और आर्थिकी का जरिया बनाए। कहा महिलाएं 24 दिनों से आंदोलनरत हैं लेकिन क्षेत्र के विधायक एक दिन भी आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचे।
महिलाओं ने कहा यदि किसी भी नेता की ओर से आंदोलन की अवहेलना की जाएगी या समर्थन नहीं दिया जाएगा तो संबंधित नेता का घेराव किया जाएगा। महापंचायत के बाद महिलाओं ने बाजार में जुलूस-प्रदर्शन किया।
इस दौरान ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट, संघर्ष समिति की अध्यक्ष हीरा देवी पांगती, उपाध्यक्ष हिमांती बिष्ट, कोषाध्यक्ष कमला राणा, सचिव कलावती परिहार, महावीर बिष्ट, दर्शन दानू, इंद्र सिंह राणा, पुष्कर बिष्ट, गोविंद सिंह पांगती, चंद्र मोहन मिश्रा, पुष्पा पंवार, रीना, भगवती मिश्रा, हीरा पहाड़ी, सावित्री देवी, देवकी देवी, सुशीला देवी, दीपा देवी, उमा देवी, रेखा देवी आदि महिलाएं शामिल थीं।