बाईपास पर चिह्नित 24 पट्टेधारकों की भूमि का चिह्नीकरण कार्य
24 में से चार ने बेच दी आवंटित सरकारी भूमि, कुछ ने आवंटित भूमि के साथ वन भूमि पर भी किया कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। नगर क्षेत्र के बाईपास पर चिह्नित 24 पट्टेधारकों की भूमि का चिह्नीकरण कार्य पूरा हो गया है। पता चला कि इसमें से चार पट्टेधारकों ने अपनी भूमि अन्य व्यक्ति को बेच दी है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कहा कि आवंटित पट्टे की जमीन बेचने पर संबंधित व्यक्ति का पट्टा निरस्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। मामले की जांच अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश को सौंप दी गई है और क्रेता व विक्रेता की जांच की जा रही है।
चमोली जिला प्रशासन की ओर से वर्ष 1995-96 में भूमिहीन और आवासहीन लोगों को पट्टे पर भूमि आवंटित की गई थी लेकिन अधिकांश लोगों की ओर से पट्टे की भूमि के अलावा सरकारी भूमि पर भी कब्जा किया गया है। इसमें वन भूमि भी शामिल है। बुधवार को उपजिला मजिस्ट्रेट आरके पांडेय के नेतृत्व में तहसील चमोली व नंदानगर के अधिकारियों व कर्मचारियों ने आवंटित पट्टे की भूमि की नापजोख की। 24 पट्टेधारकों में से अभी तक चार लोगों की ओर से आवंटित भूमि को बेची जा चुकी है। प्रशासन की टीम क्रेता और विक्रेता की खोज में जुटी है। उपजिला मजिस्ट्रेट आरके पांडेय ने बताया कि 24 पट्टेधारकों की भूमि चिह्नित कर दी गई है। इनमें से चार लोगों ने आवंटित सरकारी भूमि बेच दी है जबकि कुछ लोगों की ओर से आवंटित भूमि के साथ ही वन भूमि पर भी कब्जा किया गया है। कब्जेधारकों पर कार्रवाई की जाएगी।