ग्रामीणों ने भूस्खलन क्षेत्र में पुश्ता बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। भेंटा-भर्की सड़क की कटिंग के बाद से भर्की गांव के पास भूस्खलन हो रहा है जिससे गांव के मंदिर के साथ ही आवासीय मकानों को भी खतरा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क कटिंग के बाद यहां सुरक्षा के लिए पुश्ता नहीं लगाया गया है जिससे खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने भूस्खलन क्षेत्र में पुश्ता बनाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि भेंटा-भर्की सड़क पर कटिंग के बाद हिल साइड पर पुश्ता नहीं लगाया गया है। बारिश होने पर यहां भूस्खलन होने लगता है। जमीन धंसने से पंचनाम देवता मंदिर, पंचायत घर के अलावा राजेंद्र सिंह, मनोहर सिंह, गोपाल सिंह, सुभाष सिंह, चंद्रमोहन, आशीष सिंह के मकानों घरों को खतरा पैदा हो गया है। भर्की की ग्राम प्रधान मंजू देवी ने कहा कि बारिश होने से भूस्खलन तेज हो गया है। उन्होंने भूस्खलन रोकने के लिए प्रशासन से सड़क के हिल साइड पर पुश्ता बनाने की मांग की। संवाद
10 दिन बाद खुली चमोली- सरतोली सड़क, खतरा बरकरार
चमोली। फरस्वाण फाट के गांवों को यातायात से जोड़ने वाली चमोली-लासी-सरतोली (10 किमी) सड़क भू-धंसाव क्षेत्र सरतोली लंगधार तोक में दस दिन बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गई। मगर यहां अभी खतरा बरकरार है। यहां भू-धंसाव से सड़क करीब 10 मीटर तक खतरनाक बनी है। ग्रामीण यहां पर वाहनों के बजाय पैदल आवाजाही कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से भू-धंसाव हो रहा है, लेकिन पीएमजीएसवाई और लोनिवि की ओर से इसके सुधारीकरण पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। भू-धंसाव के कारण यहां सड़क बंद हो गई थी। पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लंगधार तोक में रुक-रुककर भू-धंसाव हो रहा है। इस सड़क से सरतोली और भतंग्याला के साथ ही अन्य कई गांव जुड़े हैं। इधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता परशुराम चमोला ने कहा कि भू-धंसाव क्षेत्र के सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। संवाद