मकानों के पास तक पहुंचा भूस्खलन, लगातार गिर रहा पत्थर और मलबा
ग्रामीणों ने प्रशासन से विस्थापन और सुरक्षा कार्यों की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदासैंण। विकासखंड कर्णप्रयाग के सिमल्ट गांव में भूस्खलन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार की बारिश और रात को आए भूकंप के बाद मलबा और पत्थर खिसकने से भूस्खलन अब मकानों के बेहद नजदीक पहुंच गया है जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को प्रशासन ने प्रभावितों को टेंट और तिरपाल बांटे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द विस्थापन और सुरक्षा कार्यों की मांग की।
गांव रविवार रात से लगातार हो रहे भूस्खलन से एक गोशाला ढह गई और 13 से अधिक परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। चार परिवारों ने घरों को छोड़कर अन्य सुरक्षित जगहों पर शरण ली है। स्थानीय विजय लाल, विनोद कुमार, अशोक कुमार व सोबती देवी आदि ने बताया कि भूस्खलन दो मकानों के पास पहुंच गया है जिससे खतरा हो गया है। यहां अभी तक मलबा और पत्थर गिर रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द विस्थापन और सुरक्षा कार्यों की मांग की। वहीं राजस्व उपनिरीक्षक (आरके) राजेश पंवार ने बताया कि करीब 11 प्रभावित परिवारों को तिरपाल और 4 परिवारों को टेंट दिए गए हैं, तथा जल्द अन्य मदद भी पहुंचाई जाएगी।
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आटागाड़ का बहाव हुआ कम, बन रही झील
गांव के नीचे की पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण आटागाड़ गदेरे में भारी मलबा जमा हो गया है जिससे गदेरे का बहाव कम हो गया है। ऐसे में भटोली गांव के पास करीब 100 से 150 मीटर लंबी झील बन रही है। भटोली के ग्रामीणों का कहना है कि यदि भूस्खलन नहीं रुका तो झील का पानी उनके खेतों तक पहुंच जाएगा। हालांकि प्रशासन का कहना है कि गदेरे से पानी की निकासी हो रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।