प्रशासन की ओर से आयोजित बैठक में भू-कानून को लेकर लिए गए सुझाव
एसडीएम बोले, सुझावों की रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी शासन को
संवाद न्यूज एंजेसी
कर्णप्रयाग। प्रदेश में सशक्त भू-कानून लागू किया जाना है। मगर इससे पहले लोगों के सुझाव लिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भू-कानून को लेकर प्रशासन की ओर से बैठक का आयोजन किया गया और लोगों के लिखित सुझाव लिए गए। इस दौरान जहां नए सिरे से भूमि बंदोबस्त करने की जरूरत बताई वहीं बंजर पड़ी भूमि के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया। एसडीएम संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि बैठक में आए सुझावों की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
बृहस्पतिवार को ब्लॉक सभागार में विधायक अनिल नौटियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भू-कानून को लेकर लोगों ने विचार रखे गए। सीपीआई (माले) के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी ने वर्ष 2018 में हुए उत्तर प्रदेश भूमि सुधार अधिनियम में हुए संशोधन को रद्द करने की मांग की। कहा कि नए सिरे से भूमि बंदोबस्त की आवश्यकता है। जबकि कृषि भूमि के संरक्षण की आवश्यकता है जैसा हिमाचल में होता है। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री हरिकृष्ण भट्ट ने कहा कि रेल परियोजना के लिए सरकार ने स्थानीय लोगों की भूमि ली है। जो बची हुई भूमि है उन पर बाहरी भू-माफियों की नजर है। ऐसे में सरकार को ठोस योजनाएं बनानी चाहिए ताकि उन स्थानों पर स्थानीय लोगों को ही रोजगार मिल पाए। अधिवक्ता भुवन नौटियाल ने कहा कि बंजर पड़ी भूमि के लिए ठोस योजना बनानी होगी। ताकि जमीन बंजर न पड़े। गैरसैंण के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्कर सिंह रावत ने कहा कि लोगों को बताना होगा कि आखिर भू-कानून क्या है। इसका मकसद क्या है और इसका लोगों को फायदा मिलेगा। उपजिलाधिकारी संतोष कुमार पांडे ने कहा कि लोगों के सुझाव की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि सरकार प्रदेश में जल्द सशक्त भू-कानून लाने जा रही है। बैठक में जनप्रनिधियों, अधिवक्ताओं, उद्योगपतियों ने अपने-अपने विचार रखे। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख चंद्रेश्वरी देवी, बीडीओ विजय पुरोहित, ईओ नरेंद्र रावत, ईओ गैरसैंण अरुण सैनी, राजा जोशी और अधिवक्ता राजेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।