कर्णप्रयाग। नगर के मुख्य बाजार में आयोजित होने वाली रामलीला इस बार अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मनाएगी। 23 अप्रैल से शुरू होने वाली रामलीला अपने आयोजन का 50वां साल मनाएगी। इसके लिए कमेटी ने तैयारियां शुरू कर दी है। समिति इस बार आयोजन से जुड़ी स्मारिका भी प्रकाशित करेगी।
आयोजकों के अनुसार वर्ष 1974 में मुख्य बाजार के शिव मंदिर जीर्णोधार के संकल्प के साथ सदाशिव रामलीला कमेटी का गठन हुआ। तब नाकोट की रामलीला समिति के सहयोग और पेट्रोमैक्स की रोशनी में रामलीला का आयोजन हुआ था। 50 साल में अब वक्त के साथ चलते हुए रामलीला का आयोजन भी आधुनिक हो गया। समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद डिमरी के अनुसार सरदार संत सिंह, कांति प्रसाद डिमरी, स्व. कांता प्रसाद डिमरी, स्व. राधा कृष्ण भट्ट, स्व. पातीराम डिमरी (पाती काका), हरिलालशाह धरणीलाल, मुमताज खान और कई अन्य मंझे हुए कलाकारों ने रामलीला को बहुत जल्दी बुलंदियों पर पहुंचा दिया। उन्होंने बताया कि शांति लाल (कैकेयी), स्व. संत सिंह (दशरथ), कांति प्रसाद डिमरी (परशुराम), राधा कृष्ण भट्ट (हनुमान), प्रकाश चंद खंडूड़ी (रावण), कांता प्रसाद डिमरी (शिव), कुशलानंद नौटियाल जैसे प्रख्यात कलाकारों ने इस रामलीला को नए आयाम दिए। इस साल रामलीला का स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया जाएगा। जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए कलाकारों का चयन किया जा रहा है।
महिलाएं भी निभाती हैं भूमिकाएं
समिति के प्रताप लूथरा कहते हैं कि अब महिलाएं भी मंच पर अभिनय से अपनी छाप छोड़ रही हैं। वर्ष 2021 में यहां मां नंदा महिला रामलीला समिति ने ही महिला रामलीला मंचन कार्यक्रम आयोजित किया। जबकि अब कई पात्र महिलाएं भी निभाती हैं।
सेवा में भी आगे है समिति
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार समिति ने वर्ष 2014 में विश्व प्रसिद्ध सबसे लंबी पैदल धार्मिक यात्रा नंदा देवी राज जात के दौरान प्रथम पड़ाव ईड़ाबधाणी में श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा, 2013 की आपदा में जगह जगह फंसे यात्रियों के लिए निशुल्क भोजन, 2015 में ट्रॉमा सेंटर में फ्री मेडिकल कैंप जैसे सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी रही है।