आदिबदरी। आदिबदरी मंदिर में सात दिवसीय महाभिषेक समारोह जल यात्रा व शांति यज्ञ के साथ संपन्न हो गया। समापन पर शामिल हुए बीकेटीसी पूर्व सदस्य अरुण मैठाणी ने कहा कि इस भौतिक युग में मनुष्य की शारीरिक व मानसिक पीढ़ा व दुख बढ़ गए हैं। सात्विक जीवन का मार्ग ही इस पीड़ा को हर सकता है और वह सात्विक जीवन जीने की प्रेरणा प्रभु की भक्ति से ही संभव है।
पंचांग पूजा व अर्घ्य पूजा के बाद जल कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने व्यास के साथ मुख्य मंदिर में दर्शन व पूजा की। उसके पश्चात कथावाचक आचार्य नागेंद्र तिवारी ने कहा कि कुटनीति के आगे कोई भी योद्धा शस्त्रहीन व बलहीन हो जाता है। कूटनीतिक असत्य का ही एक रूप है। इसी असत्य का फल युधिष्ठिर को नर्क के रूप में भोगना पड़ा। सत्य की हमेशा विजय होती है और असत्य का नाश होता है। उधर मंदिर प्रांगण में यज्ञ का आयोजन किया गया था। इस मौके पर राजेंद्र भंडारी, जगदीश बहुगुणा, हिमेंद्र कुंवर, राजेंद्र रावत, गंगा सिंह, बलवंत भंडारी, नरेश बरमोला आदि मौजूद थे। संवाद