पुलिस ने सत्र के दौरान होने वाली गहमा गहमी को देखते हुए लिया निर्णय
सुबह सात से रात आठ बजे तक रहेगी रोक, रात्रि को वाहन चल सकेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में होने वाले बजट सत्र के दौरान वहां दिन के समय भारी वाहनों का अवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने सत्र के दौरान होने वाली गहमा गहमी को देखते हुए यह निर्णय लिया और इसके लिए तैयारी पूरी कर ली।
भराड़ीसैंण में नौ मार्च से 13 मार्च तक बजट सत्र प्रस्तावित है। सत्र के दौरान किसी तरह की कोई समस्या न हो इसके लिए पुलिस तैयारियाें में जुटी है। सत्र के दौरान गैरसैंण में वीआईपी वाहन, अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ मीडिया का जमावड़ा लगेगा। साथ ही इस दौरान रैलियां भी होंगी। इसको देखते हुए पुलिस ने सत्र की अवधि (नौ से 13 मार्च) तक गैरसैंण-भराड़ीसैंण क्षेत्र में भारी वाहनों का आवागमन बंद रखा है। एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि सुबह सात से रात आठ बजे तक गैरसैंण में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में यदि कोई अपना निजी सामान मंगवा रहे हों तो वे कर्णप्रयाग-सिमली, ग्वालदम मार्ग का प्रयोग कर सकते हैं। गैरसैंण के आसपास के लोग रात्रि के समय सामान मंगवा सकते हैं। दिन के समय भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
पानी के 17 टैंकर लगाए
कर्णप्रयाग। भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र की तैयारियों में विभाग जुटे हैं। सत्र के दौरान पेयजल की कोई दिक्कत न हो इसके लिए जलसंस्थान के अधिकारी और कर्मी भराड़ीसैंण में डेरा डाले हैं। यहां ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों के लिए पानी के 17 टैंकर लगाए गए हैं। जलसंस्थान सहायक अभियंता दिनेश पुरोहित अपने अधीनस्थ कर्मियों के साथ विस परिसर में डटे हैं। हालांकि विधानसभा भवन, विधायक और मंत्री आवास सहित अधिकारियों के आवास पर पेयजल की सुविधा है लेकिन इसके अलावा बाहर ड्यूटी देने वाले सुरक्षा कर्मियों एवं अन्य कर्मियों के लिए अस्थायी रूप से पेयजल व्यवस्था में विभाग जुटा है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि विधानसभा सत्र के लिए 17 टैंकर लगाए गए हैं जबकि कर्मियों के आवासीय व्यवस्था, शौचालय सहित अन्य जगह अस्थायी लाइनें बिछाई जा रही है। सत्र से पहले चयनित सभी जगह पर पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। संवाद
स्थायी राजधानी के लिए यूकेडी घेरेगी विधानसभा भवन
कर्णप्रयाग। स्थायी राजधानी गैरसैंण के लिए उत्तराखंड क्रांति दल नौ मार्च को विधानसभा भवन का घेराव और प्रदर्शन करेगा। इसके लिए यूकेडी ने विशेष रणनीति बनाई है। इसमें गढ़वाल और कुमाऊं के कार्यकर्ता प्रतिभाग करेंगे। बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि पहाड़ के ज्वलंत मुद्दों को लेकर यूकेडी सड़कों पर है। यदि राजधानी पहाड़ में होती तो सरकार गैरसैंण में बैठती। इससे यहां जंगली जानवरों की समस्या हो या पलायन की, स्वास्थ्य की हो या विकास की सभी समस्याएं स्वत: ही हल हो जातीं। मगर गैरसैंण राज्य बनने के 26 साल बाद भी उपेक्षित है। यहां कुछ वर्षों से कुछ दिन के लिए सत्र कर केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। इस दौरान सलाहकार समिति के डॉ. मदन मोहन नवानी, युवा प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष नवीन पुजारी, विस अध्यक्ष अमित रावत, अवतार सिंह और जमन सिंह आदि मौजूद थे। संवाद