बदरीनाथ धाम में बुधवार को चौथे दिन भी मौसम खराब रहा। धाम में करीब एक घंटे तक जमकर बर्फबारी हुई। तीर्थयात्रियों ने बर्फबारी के बीच ही रेनकोट पहनकर बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। अधिकांश यात्रियों ने पहली बार बर्फबारी देखी, ऐसे में उन्हाेंने इसका जमकर लुत्फ उठाया।
बदरीनाथ धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी, घांघरिया सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश जारी है। इसके कारण ठंड में भी इजाफा हो गया है। धाम में शाम चार बजे से बर्फबारी शुरू हुई। यह सिलसिला पांच बजे तक जारी रहा। लखनऊ के तीर्थयात्री धनंजय शर्मा, पंकज और मानस ने बताया कि उन्होंने पहली बार बर्फबारी होती देखी। बर्फ की चादर बिछने से बदरीनाथ का नजारा ही बदल गया। कड़ाके की ठंड में भी यात्रा में काफी मजा आया।
कई रास्तों पर आवाजाही बंद, भटकते रहे यात्री
बदरीनाथ धाम में महायोजना के तहत वाहनों की पार्किंग, धाम परिसर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर की जा रही है। कई आम रास्तों पर आवाजाही भी बंद की गई है। ऐसे में तीर्थयात्री नए रास्तों पर भटक रहे हैं। माणा रोड से देवलोक होटल तक आने के लिए तीर्थयात्रियों को दलदल और फिसलन भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। जीएसवीएन से माणा रोड तक सड़क पर कई जगह जलभराव भी हुआ।