जोशीमठ। ब्लॉक जोशीमठ के थैंग गांव के ग्वाड़ तोक के ऊपर जंगल में अतिवृष्टि से शनिवार देर रात को मलबा गांव के खेतों में आ घुसा। यहां कई नाली खेत बह गए जबकि यहां रहने वाले 10 परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। यहां रहने वाले परिवारों ने रात को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। ग्राम प्रधान महावीर सिंह पंवार ने बताया कि रात एक बजे हुई घटना से गांव में कई नाली भूमि बह गई है। गांव की सड़क, पेयजल लाइन और पैदल रास्ते टूट गए हैं। यहां रहने वाले पुष्कर सिंह ने बताया कि वे परिवार के साथ घर पर थे। रात एक बजे अचानक भारी मलबे के साथ पानी आने लगा तो वे सुरक्षित स्थान की ओर भागे। पूरी रात सो नहीं पाए। मलबे से शौचालय ध्वस्त हो गया है। घर के आसपास भी मलबा भरा हुआ है। संवाद
पहाड़ी से हुआ भूस्खलन, 12 परिवारों ने छोड़े घर, 200 नाली कृषि भूमि तबाह
मज्जू लग्गा बेमरु गांव में हुआ नुकसान, बारिश थमने पर घरों को लौटे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी-
पीपलकोटी (चमोली)। भारी बारिश के दौरान शनिवार रात को मज्जू लग्गा बेमरु गांव के ठीक शीर्ष भाग की पहाड़ी से भूस्खलन होने पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। करीब 12 से अधिक परिवार रात को ही घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। रविवार सुबह चार बजे बारिश थमने के बाद ग्रामीण घरों को लौटे। भूस्खलन से गांव की करीब 200 नाली कृषि भूमि तबाह हो गई है। गांव में कुछ लोगों की गोशाला को नुकसान हुआ है और लुदाऊं गदेरे पर बना लकड़ी का वैकल्पिक पुलिया बह जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है।
दशोली की ब्लॉक प्रमुख विनीता देवी ने बताया कि शनिवार रात को करीब आठ बजे से भारी बारिश शुरू हो गई थी। रात करीब साढ़े 12 बजे मज्जू लग्गा बेमरु गांव के शीर्ष भाग की पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया। जैसे ही मलबा खेतों तक पहुंचा तो ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। 12 से अधिक परिवार घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। रविवार सुबह करीब चार बजे बारिश धीमी होने पर लोग घरों को लाैट गए। मलबे से हरीश सिंह, बहादुर सिंह, धूम सिंह पंवार, वीरेंद्र सिंह, हुकम सिंह राणा, भरत सिंह, प्रताप सिंह, बचन सिंह, कर्ण सिंह आदि ग्रामीणों की कृषि भूमि तबाह हो गई है। विधायक प्रतिनिधि स्यूंण गांव के रविंद्र सिंह ने बताया कि स्यूंण गांव के कुछ परिवार छह माह तक मज्जू लग्गा बेमरु में प्रवास करते हैं और पशुपालन व कृषि का कार्य करते हैं। लुदाऊं और स्यूंण गांव के बच्चे हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए हाईस्कूल स्यूंण गांव जाते हैं लेकिन अब लुदाऊं गदेरे पर वैकल्पिक पुलिया बह जाने से अब ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों की आवाजाही भी ठप पड़ गई है। उन्होंने शीघ्र गदेरे पर पुलिया निर्माण की मांग की।
सुनील वार्ड में भूस्खलन से पांच परिवार खतरे में
जोशीमठ। लगातार हो रही बारिश से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भूस्खलन हो रहा है जिससे यहां रहने वाले परिवारों में दहशत बनी हुई है। शनिवार देर रात को सुनील वार्ड के थपलियाल मोहल्ले में भूस्खलन होने से पांच परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। साथ ही यहां पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है और सेब के पेड़ों को भी नुकसान हुआ है। अनिल थपलियाल ने बताया कि भूस्खलन से क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। वहीं सिंहधार वार्ड के त्रिदंडी आश्रम के पास भूस्खलन होने से बोल्डर आश्रम की ओर आ गए जिससे पुराना त्रिदंडी आश्रम क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां रहने वाले बाबा संतोष गिरी का कहना है कि बोल्डर आने से उनके आश्रम को नुकसान हुआ है। इसके अलावा मनोहर बाग वार्ड में भी भूस्खलन हुआ है। संवाद
हेलंग-उर्गम मार्ग क्षतिग्रस्त, 12 गांवों का संपर्क कटा
जोशीमठ। उर्गम घाटी के गांवों को जोड़ने वाला एकमात्र हेलंग-उर्गम मार्ग कई जगह पर क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे कल्पेश्वर महादेव मंदिर के साथ ही 12 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। वहीं जल विद्युत निगम के पावर हाउस की पाइप लाइन लीक होने से पानी सड़क पर आया और बारिश हुई तो सड़क ही ध्वस्त हो गई। स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि सड़क बंद होने से सलना, अरोसी, ल्यारी, थैणा, गीरा बासा, देवग्राम, पल्ला, जखोला, कलगोठ, डुमक सहित अन्य गांव का आवागमन ठप हो गया है। कहा कि कुछ दिन पहले यहां जल विद्युत निगम की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से भारी मात्रा में पानी सड़क पर आ गया था जिससे सड़क को अधिक नुकसान हुआ। संवाद
जोशीमठ क्षेत्र में 11 घंटे बंद रही बिजली
जोशीमठ। लंगसी के पास ऊर्जा निगम की 66 केवी लाइन में फाॅल्ट आने से क्षेत्र में 11 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। शनिवार रात करीब दो बजे बिजली गुल हो गई थी। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना ने बताया कि लंगसी के पास हाईटेंशन बिजली लाइन में फाॅल्ट आने से क्षेत्र में बिजली सप्लाई प्रभावित रही। फाॅल्ट ठीक करने के बाद दोपहर करीब एक बजे आपूर्ति बहाल कर दी गई। संवाद
खौफ के साए में रह रहे 12 से अधिक परिवार
कर्णप्रयाग। अपर बाजार में रामलीला मैदान से मस्जिद तक हो रहे भूस्खलन होने के कारण 12 से अधिक परिवार खौफ के साए में रह रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से भूस्खलन वाले भाग में सुरक्षा दीवार बनाने की मांग उठाई। कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर, आईटीआई और अपर बाजार में बरसात के दौरान भू-धंसाव हो रहा है। अपर बाजार के अनिल खंडूड़ी व नवीन डिमरी सहित अन्य प्रभावितों ने एसडीएम से कहा कि उनके मकानों में दरारें पड़ गईं व मकान के आंगन भूस्खलन की भेंट चढ़ गए हैं। वे बारिश में रातें जागकर बिता रहे हैं। वहीं, नगरपालिका के जेई हरीश मैठाणी और पालिकाध्यक्ष दमयंती रतूड़ी ने अपर बाजार में प्रभावित स्थान का मुआयना किया और प्रभावितों को सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन दिया। वहीं, बहुगुणानगर में भी पिछले साल से हो रहे भू-धंसाव से लोग रतजगा करने को मजबूर हैं। आईटीआई मोहल्ले में सोहन नौटियाल के मकान के नीचे भूस्खलन हो रहा है। संवाद
चोपता गांव में पेयजल लाइनें ध्वस्त
नारायणबगड़। कड़ाकोट पट्टी के चोपता गांव में लगातार हो रही अतिवृष्टि व भूस्खलन से ग्रामीणों का जनजीवन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। क्षेत्र के 30 गांवों को जोड़ने वाला रैंस-चोपता मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने के साथ पेयजल लाइनें ध्वस्त हो गई हैं। ग्राम प्रधान पृथ्वी नेगी ने डीएम को ज्ञापन देकर पेयजल लाइनें दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चोपता गांव के अंतर्गत स्वजल पेयजल व कमकेडी पेयजल योजना करीब 180-200 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई है। जीआईसी रैंस-चोपता मार्ग बंद हो गया है। गांव के आंगनबाड़ी व स्कूल भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से गांव की पेयजल आपूर्ति ठप है। लोग जलस्रोतों से पानी भर रहे हैं। ग्रामीणों ने जल्द समस्या के समाधान की मांग की। संवाद