नारायणबगड़। तीन दिवसीय महामृत्युंजय श्रावणी, पर्यावरण पर्यटन एवं सांस्कृतिक मेले के दूसरे दिन सांस्कृतिक मंच पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति दिखी। महिला मंगल दलों सिमली, पालछूनी, नाखोली, कांडा, सिलकोटी, एरवाडी, पाडुली की महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। जबकि लोक गायक दर्शन फरस्वाण ने गीतों-हे नंदा हे गौरा..., मोहिनी तेरी हरिया साडी लाल विलोज... की प्रस्तुति दी जिस पर दर्शक जमकर थिरके।
इस दौरान काेठली के जिला पंचायत सदस्य व संयोजक लक्ष्मण रावत ने पितृ वन लगाने की पहल की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने पूर्वजों के नाम से पौधरोपण करें और पर्यावरण को भी बचाएं। रविवार से शुरू हुए तीन दिवसीय मेले का मंगलवार को समापन होगा। इस मौके पर मेलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, सचिव जयपाल सिंह, हर्षवर्धन सिंह, राजेंद्र सिंह, चंद्रसिंह, कर्णसिंह, देवेंद्र सिंह, जयवीर सिंह, भगत सिंह, दिगंबर सिंह, विनोद थपलियाल मौजूद रहे। संवाद