चमोली में अब लोगों को बिजली संकट नहीं झेलना पड़ेगा। यूपीसीएल के सिमली में बने 132 केवी के सबस्टेशन ने काम करना शुरू कर दिया है। जिले की पिंडर घाटी, पोखरी, गैरसैंण और नंदप्रयाग तक के उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और बिजली गुल होने की समस्या से निजात मिल सकेगी।
सिमली में करीब ढाई करोड़ की लागत से 132 केवी का विद्युत सब स्टेशन वर्ष 2010 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन विद्युत सबस्टेशन को जोड़ने वाली लाइनों का निर्माण नहीं होने से जनता को इसका लाभ नहीं मिल पाया। वर्ष 2014 में यहां लाइनों का निर्माण शुरू होने पर ट्रायल के तौर पर यूपीसीएल ने नौटी और नारायणबगड़ फीडर को शुरू कर दिया।
33 केवी के कर्णप्रयाग और पोखरी फीडर भी बनकर तैयार हैं। नंदप्रयाग और गौचर फीडर भी जल्द तैयार कर लिए जाएंगे। ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि अब तक चमोली जिले को श्रीनगर से आने वाली 66 केवी की लाइन से बिजली दी जा रही थी, जिससे ट्रिपिंग के साथ बिजली गुल होने की समस्या बनी रहती थी।
अब 66 केवी के साथ-साथ 132 केवी की लाइन आने से जहां लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी, वहीं अलग-अलग फीडर से विद्युत वितरण होने से लाइन में बार-बार फाल्ट भी नहीं आएगा।
लंगासू के लिए नहीं मिल रही जमीन
लंगासू में स्वीकृत तीन एमवी विद्युत सबस्टेशन के लिए एक साल में जमीन नहीं मिल पाई है। यहां विद्युत सबस्टेशन बनने से 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में बिजली की समस्या हल हो जाती, वहीं आदिबदरी और मेहलचौंरी में तीन एमवी के सबस्टेशन निर्माणाधीन हैं।
इन सबस्टेशनों के बनने से लोगों को बिजली की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। हालांकि आदिबदरी में राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने विद्युत सबस्टेशन की जमीन पर स्क्रबर बना दिया। यहां फिलहाल निर्माण एजेंसी ने काम रोका है। वहीं भराड़ीसैंण में भी विद्युत सबस्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है।
सिमली विद्युत सबस्टेशन को चालू कर दिया गया है। तैयार चार फीडरों में दो को शुरू कर दिया गया है, जबकि अन्य दो फीडरों को जल्द निर्मित कर सभी छह फीडरों को शुरू कर दिया जाएगा। जिससे बिजली गुल होने की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
-एके मिश्रा, अधिशासी अभियंता, विद्युत द्वितीय कार्यखंड देहरादून