क्या कहते हैं प्रधानाचार्य
स्कूल के प्रधानाचार्य फादर अल्बर्ट ने कहा कि जसवीर सिंह 2013 से विद्यालय में बस चालक के पद पर तैनात थे। 2018 में उन्होंने स्वयं नौकरी छोड़ी। बस ड्राइविंग में भी उनकी ओर से लापरवाही बरती गई। दो साल से उसके बच्चे का नियमित दाखिला विद्यालय में नहीं है। इसके लिए उन्हें तीन नोटिस भी भेजे गए हैं। एडमिशन फीस जमा करने पर बच्चे को दाखिला दे दिया जाएगा। जसवीर के पीएफ के भुगतान की कार्रवाई चल रही है। आगे प्रशासन व विद्यालय के उच्च प्रबंधन से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरव के पिता जसवीर सिंह का कहना है कि आरव नर्सरी से इसी विद्यालय में पढ़ रहा है। प्रत्येक कक्षा में विद्यालय में पूरी फीस भरी गई। मेरे द्वारा पीएफ की मांग की गई, तो विद्यालय प्रबंधन की ओर से आनाकानी की जा रही है। बच्चे को भी विद्यालय के भीतर नहीं आने दिया जा रहा है। प्रत्येक साल एडमिशन फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। इस बार मेरे पास पर्याप्त धनराशि नहीं है। यदि पीएफ का भुगतान और बच्चे को तीसरी कक्षा में दाखिला नहीं दिया गया तो गेट पर ही धरना शुरू कर दिया जाएगा।
- प्रधानाचार्य को बच्चे को शीघ्र दाखिला देने के लिए कह दिया गया है। जल्द ही विभागीय टीम भी विद्यालय का दौरा करेगी। हालांकि, अब तक इस संबंध में शिक्षा विभाग को किसी की ओर से कोई लिखित व मौखिक सूचना नहीं मिली है।
- कुलदीप गैरोला, सीईओ, गोपेश्वर, चमोली
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यह गंभीर मामला है। विद्यालय प्रबंधन और अभिभावक के बीच विवाद के चलते बच्चे का शोषण नहीं किया जा सकता है। चमोली कोतवाली से इस संबंध में पूरी जानकारी मांगी जाएगी।
- प्रमेंद्र डोबाल, एसपी, चमोली