सोमवार को नारायणबगड़ तहसील के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत एक दिवसीय सांस्कृतिक मेला समारोह में पहुंचे।
उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा और मजबूत कृषि से ही प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने चालखाल का निर्माण कर जल संरक्षण को बढ़ावा देने, दुग्ध उत्पादन और हस्तशिल्प को रोजगार के रूप के अपनाने की बात कही। इस दौरान क्षेत्र के महिला मंगल दलों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
सोमवार को सांस्कृतिक मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिलाओं, युवाओं के साथ-साथ यहां के प्रवासियों को भी एकजुट होना होगा।
जीआईसी परिसर में आयोजित हुई जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विपणन के क्षेत्र में रोजगार का सृजन किया जा रहा है।
समारोह में विधायक डा. जीतराम, विधानसभा उपाध्यक्ष डा. एपी मैखुरी, कपकोट के ललित फर्स्वाण, जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह, प्रमुख अंशी नेगी, उर्मिला बिष्ट, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष गोदांबरी रावत, दुग्ध संघ अध्यक्ष राजेश्वरी नेगी, थराली के सुरपाल रावत, डीडी कुनियाल आदि मौजूद थे।
संचालन ब्लाक अध्यक्ष अवतार फर्स्वाण और नगर अध्यक्ष दिनेश नेगी ने किया।
इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण
-हरमनी- करच्यूड़ा 8 किमी सड़क का नव निर्माण। लागत - 2.94 लाख।
-खंपाधार से अंबेडकर ग्राम चिडिंगा मल्ला 8 किमी मोटर मार्ग का नव निर्माण। लागत -2.94 लाख।
-रमसा के तहत निर्मित राजकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय पैठाणी के मुख्य भवन का लोकार्पण।
-जीआईसी गुरुड़ का सुदृढ़ीकरण, आईटीआई नारायणबगड़ के भवन का लोकार्पण।
-जीआईसी सुनांऊ का भवन।
-मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र डुंगरी।
-बीईओ कार्यालय नारायणबगड़ का भवन।
-विद्युत वितरण खंड नारायणबगड़।
इन योजनाओं का शिलान्यास
-रमसा के तहत निर्मित होने वाले राजकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय नलगांव के भवन का शिलान्यास।
-उत्तरांचल पावर कार्पोरेशन के थराली स्थित 33 केवी विद्युत सब स्टेशन का शिलान्यास।