देवाल क्षेत्र में चार किशोरों की मौत के बाद पूरे चमोली जिले में मातम पसरा है। देवाल क्षेत्र में चारों तरफ सन्नाटे को चीरती चीख-पुकारें सुनाई दे रही हैं। हादसे में मृतक गौरव की एक, अंशुल की दो और अनिल की एक बहन है। मौत से इनकी बहनें, परिजन और रिश्तेदार सदमें में हैं। वे माता-पिता के साथ अपने भाइयों को चीख-चीख कर घर आने को पुकार रही हैं। प्रियांशु की 93 साल की बुजुर्ग दादी की नजर अपने पोते के आने के इंतजार में गांव के रास्ते पर टिकी हैं। वहीं, चमोली जिले में चार हादसों में 22 लोगों की जान जा चुकी है।
शुक्रवार को उर्गम पल्ला-जखोला मार्ग पर हुई दुर्घटना से लोग जहां व्यथित थे, वहीं अचानक शनिवार को देवाल क्षेत्र से मन को झकझोर देने वाली खबर ने लोगों को दुखी कर दिया। जीआईसी देवाल में पढ़ने वाले चार छात्रों के लिए कैल नदी काल बनकर आई। स्थानीय लोगों के मुताबिक नदी में डूबे चारों युवक पढ़ने में तेज और खुश मिजाज थे। शनिवार को जैसे ही लोगों को इन छात्रों की नदी में डूबने से मौत की खबर पता चली तो देवाल सहित पूरे चमोली जिले में कोहराम मच गया। जब शनिवार सुबह कैल नदी से स्थानीय युवाओं ने एक-एक कर चार छात्रों के शवों को निकाला तो नदी के सन्नाटे को चीरती हुई किशोरों के माता-पिता की चीखें उनके दुख की कहानी साफ बयां कर रही थी। अंशुल के पिता की 2016 में एक हादसे में मौत हो चुकी है। अपने बेटे की मौत से उसकी मां गहरे सदमें में है।
चमोली जिले में एक माह के अंतर्गत चार बड़े हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 22 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें दीपावली से पहले थराली के पैनगढ़ में हुए भूस्खलन से चार, बुधवार को सड़क दुर्घटना में जीआईसी सिलपाटा के दो शिक्षकों, शुक्रवार को उर्गम घाटी की सड़क दुर्घटना में 12 और शनिवार को देवाल क्षेत्र के चार किशोरों की हादसों में मौत हो चुकी है।