किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों को अब ट्रामा सेंटर कर्णप्रयाग में ही डायलिसिस की सुविधा मिल जाएगी। हंस फाउंडेशन की ओर से यहां तीन डायलिसिस मशीनें लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मरीजों को अब डायलिसिस के लिए ऋषिकेश और देहरादून के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में नहीं भटकना पड़ेगा।
चमोली जिले में किडनी के मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए वर्तमान समय में ऋषिकेश अथवा देहरादून जाना पड़ता है। जहां सरकारी अस्पतालों में कई दिनों बाद डायलिसिस का नंबर आता है और निजी अस्पतालों में एक बार डायलिसिस करने में करीब 5 से 10 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन अब मरीजों को यह दिक्कतें नहीं झेलनी पड़ेंगी। उपजिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरीश थपलियाल ने कहा कि कर्णप्रयाग में हंस फाउंडेशन की ओर से तीन मशीनें लगाई जा रही हैं, जिन पर रोजाना छह मरीजों का डायलिसिस हो सकेगा। मशीनें, मैनपावर और टेक्नीशियन पहुंच चुके हैं। इससे संबंधित करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जल्द कर्णप्रयाग के ट्रामा सेंटर में डायलिसिस मरीजों को सुविधा मिल जाएगी।