-एक साल से हो रहा मशीनों का इंतजार, प्रतीक्षा सूची पहुुंची 60 के पार
-हंस फाउंडेशन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग चार साल से कर रहा है डायलिसिस सेंटर का संचालन
लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी
कर्णप्रयाग। चार साल से संचालित डायलिसिस सेंटर में मशीनें नहीं बढ़ पा रही है। हालात यह है कि यहां माहीने में केवल 17 लोगों का ही डायलिसिस हो पा रहा है। वहीं, प्रतीक्षा सूची 60 के पार हो गई है। ऐसे में लोेगों को डायलिसिस कराने के लिए रुद्रप्रयाग, श्रीनगर और देहरादून जाना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभगा के सहयोग से हंस फाउंडेशन की ओर से कर्णप्रयाग में डायलिसिस सेंटर का संचालन किया जा रहा है। यहां पूरे चमोली जिले के मरीज डायलिसिस कराने पहुंचते हैं लेकिन यहां केवल तीन मशीनें लगी हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति का हफ्ते में दो तो किसी का तीन बार डायलिसिस का चक्र है। इससे माह में केवल 17 लोगों का ही डायलिसिस हो रहा है जबकि बीते साल जहां प्रतीक्षा सूची 35 के आस पास थी वहीं इस बार यह सूची 60 के पार पहुंच गई है।
इंसेट के लिए-
अधिकतर लोग कर्णप्रयाग और आस पास के
सेंटर के कर्मियों के अनुसार अधिकतर लाभ लेने वाले और प्रतीक्षा सूची में शामिल लोग कर्णप्रयाग और आस पास के हैं। इनमें नारायणबगड़, थराली, देवाल, गैरसैंण, गौचर और पोखरी के करीब 60 प्रतिशत से अधिक लोग हैं। ऐसे में गोपेश्वर में डायलिसिस सेंटर शुरू होने पर भी अधिक लोगों की संख्या इस सेंटर पर आश्रित रहेगी। ऐसे में कर्णप्रयाग में मशीनों की दरकार जरूरी मानी जा रही है।
वर्जन: बीते वर्ष यहां तीन नई मशीनों को एनएचएम से दिए जाने का प्रस्ताव था। अब एक बार फिर मामले में पत्राचार किया जाएगा। जिले का केंद्र होने के चलते यहां अधिक मरीजों को लाभ मिलता है।
-डॉ. बीपी पुरोहित, सीएमएस कर्णप्रयाग।