कोरोना महामारी के कारण चमोली जिले के वेदनी बुग्याल, रूपकुंड, बेनीताल, औली तक कई पर्यटन स्थलों में वीरानी छाई है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि गर्मियों के सीजन में हर साल सैकड़ों लोग पहाड़ों में प्राकृतिक सौंदर्य के दीदार को आते थे, लेकिन इस बार अनलॉक के बाद भी लॉकडाउन जैसे हालात बने हैं।
पहाड़ के लोगों की आर्थिकी का मुख्य साधन कृषि के साथ पर्यटन व्यवसाय है लेकिन इस बार पर्यटन स्थल पर यात्री ही नहीं पहुंच रहे हैं। वेदनी बुग्याल व रूपकुंड के रास्ते में रैन बसेरे व स्थानीय स्तर पर छोटी-मोटी दुकानों पर ताले लटके हैं। पर्यटन से जुड़े लोग रोजगार न होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। होटल व्यवसायी हरिकृष्ण भट्ट, विजय प्रसाद और महेश खंडूड़ी का कहना है कि इस बार पर्यटक काफी कम आ रहे हैं। यदि यही हालात रहे तो पर्यटन व्यवसाय को काफी नुकसान हो सकता है। संवाद