धुराधारकोट के ग्रामीणों ने पंचायतीराज निदेशक पर उनके ग्राम पंचायत का नाम बदलकर धारकोट लगा सूया करने का विरोध किया। ग्राम प्रधान ने ब्लॉक कार्यालय के बाहर धरना देकर ग्राम पंचायत का नाम धुराधारकोट रखने की मांग की।
धुराधारकोट का नाम धारकोट लगा सूया करने के विरोध में ग्राम प्रधान बख्तावर सिंह ने ब्लॉक कार्यालय में धरना देकर विरोध जताया। प्रधान ने बताया कि धुराधारकोट 2014 में ग्राम पंचायत सूया से अलग हुई। 2019 में चुनाव भी धुराधारकोट के नाम पर संपन्न हुआ। दो साल तक ग्राम पंचायत के आय-व्यय धुराधारकोट के नाम पर हुआ, लेकिन कुछ लोगों के प्रभाव में आकर पंचायतीराज निदेशक ने धुराधारकोट के स्थान पर धारकोट लगा सूया कर दिया। बीडीओ अशोक शर्मा की ओर से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद धरना स्थगित हुआ। संवाद