सीटू से संबद्ध भोजनमाता कामगार यूनियन ने सरकार से पांच हजार रुपये मानदेय का शासनादेश जारी करने, राज्य कर्मचारी घोषित करने, भोजनमाताओं को सामूहिक बीमा, चिकित्सा सुविधा और सेवानिवृत्ति का लाभ देने की मांग की गई।
सीटू के जिलाध्यक्ष मदन मिश्रा व किसान सभा के देवराम वर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने भोजनमाताओं का मानदेय पांच हजार बढ़ाने की घोषणा की, लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया। उन्होंने सरकार से निकाली गई भोजन माताओं को शीघ्र काम पर बुलाने की मांग की। कहा कि भोजनमाता संगठन विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलित हैं, उसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों को नजर अंदाज किया है। बैठक में वैजयंती देवी, जानकी, नीमा, राधा, सुरेशी, मदुली, कमला, हरूली, हिमान्ती, धनुली, कौशल्या और आनंदी मौजूद थे।