चेपड़ों-त्रिकोट झूला पुल पर भारी वाहनों के आवागमन से पुल को खतरा बना है। पुल पर लगे प्लेटें उखड़ने के साथ ही रस्से ढीले हो गए हैं। ग्रामीण विनोद सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुजान सिंह, राजेंद्र सिंह, मोहन प्रसाद व पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेश त्रिकोटी का कहना है कि यदि पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद नहीं की गई, तो पुल को खतरा हो जाएगा।
2013 की आपदा के बाद चेपड़ों में पिंडर नदी पर बना झूला पुल बह गया था। उसके बाद यहां पर सात करोड़ की लागत से नया झूला पुल बनाया गया था, जिसमें हल्के वाहनों की आवाजाही की अनुमति थी। बड़े वाहन न जाए इसके लिए पुल के दोनों तरफ लोहे के एंगल लगाए गए थे, लेकिन असामाजिक तत्व इन एंगलों को तोड़ रह हैं और पुल से रेता, सीमेंट और अन्य भारी सामानों के साथ ट्राले और सवारियों से भरी टैक्सियां जा रही है। लोनिवि के सहायक अभियंता धर्मेंद्र रावत ने कहा कि पुल की सुरक्षा पहला कार्य है। इसके लिए सुरक्षा की इंतजाम किए जा रहे हैं। संवाद