पिंडरघाटी के हाटकल्याड़ी-बेराधार मोटर मार्ग पर बिना प्रशासन की अनुमति के स्टोन क्रशर संचालित किया जा रहा है। यहीं नहीं प्लांट के पास अवैध खनन भी किया जा रहा है। साथ ही जहरीले धुएं से पेड़ों की पत्तियां काली पड़ गई हैं और आसपास के कई पेड़ों को उखाड़ दिया गया है। वन विभाग में मामले में कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर 22 हजार का जुर्माना लगाया है।
हाटकल्याणी-बेराधार सड़क पर करीब तीन महीनों से पीएमजीएसवाई कार्यदायी संस्था की ओर से रोड़ी बिछाने व डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है। विभाग ने अठूठ गांव से कुछ दूरी पर बिना प्रशासन की अनुमति के क्रशर प्लांट लगाया है। पूर्व में अक्तूबर महीने में डीएम के आदेश पर थराली के एसडीएम किशन सिंह नेगी ने क्रशर को सीज किया कर दिया था, लेकिन उसके बाद भी कार्यदायी संस्था ने क्रशर प्लांट शुरू कर दिया। जिस स्थान पर प्लांट लगाया गया है वहां पर विभाग ने गैरकानूनी तरीके से खनन भी किया है, जिससे कई पेड़ उखड़ चुके हैं। क्रशर फिर संचालन की सूचना पर एसडीएम केएस नेगी हाटकल्याड़ी-बेराधार सड़क पर जांच के लिए पहुंचे, लेकिन तब तक क्रशर ऑपरेटर सहित सभी मजदूर मौके से भाग गए।
कोट
अवैध रूप से क्रेशर चलाने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग को भी मौके पर जाकर पेड़-पौधों को हुए नुकसान का जायजा लेने के आदेश दे दिए गए हैं। - किशन सिंह नेगी, एसडीएम।
हाटकल्याणी-बेराधार मोटर मार्ग पर पीएमजीएसवाई के ठेकेदार की ओर से अवैध खनन करके नौ छोटे-बड़े चीड़ के पेड़ों का नुकसान पहुंचाया गया है। कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर 22 हजार रुपये का जुुर्माना लगाया गया है। साथ ही अवैध खनन की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। - त्रिलोक सिंह बिष्ट, वन दरोगा बदरीनाथ वन प्रभाग देवाल।