हेलंग में जल विद्युत परियोजना साइट पर परियोजना प्रभावितों और हिंदुस्तान कंपनी के अधिकारियों का विवाद मंगलवार को जोशीमठ कोतवाली पहुंच गया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कंपनी के पांच अधिकारियों, 11 प्रभावितों के विरुद्ध नामजद और 30 से 40 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं, परियोजना अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर गुलाबकोटी, हेलंग और सलूड़-डुंग्रा के ग्रामीणों ने परियोजना के मुख्य गेट पर धरना देकर परियोजना का कार्य बंद करवाया।
सोमवार को हेलंग में रोजगार की मांग को लेकर परियोजना प्रभावितों और हिंदुस्तान कंपनी के अधिकारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया था।
गुलाबकोटी की नरोती देवी ने पुलिस को दी तहरीर में हिंदुस्तान कंपनी के पर्सनल मैनेजर सिद्धार्थ मसूदकर, राकेश जैन, विजय नेगी, विनोद भंडारी और साइट इंचार्ज राजीव सैनी के खिलाफ महिलाओं के साथ गाली-गलौच, मारपीट व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने परियोजना प्रभावित महिला रीना देवी, नरोती देवी, बुदली देवी, कलावती और संदीप का मेडिकल भी कराया है।
वहीं, कंपनी की ओर से पर्सनल मैनेजर सिद्धार्थ ने वन सरपंच प्रदीप भंडारी, कुलदीप भंडारी, राहुल, सचिन, संदीप लाल, रविंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, वीरेंद्र बिष्ट, नरोती देवी, सरिता देवी और संपति देवी के विरुद्ध नामजद और 30 से 40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
जांच में जुटी पुलिस, नहीं मिला अधिकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को तहसीलदार एमएस भंडारी, जोशीमठ के कोतवाल हरेंद्र सिंह बिष्ट और नायब तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ दिनभर पुलिस बल के साथ हेलंग में परियोजना के डैम साइट पर जांच में जुटे रहे, लेकिन कंपनी के किसी भी अधिकारी के मौके पर मौजूद नहीं होने से जांच आगे नहीं बढ़ पाई।
तहसीलदार एमएस भंडारी ने कहा कि मामले में दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी। कोशिश रहेगी कि मामले को दोनों पक्षों की आपसी सहमति करा ली जाएगी।