20 से अधिक गांवों को मिलेगा लाभ
ग्रामीणों को तय नहीं करनी पड़ेगी चार किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। अलकनंदा और नंदाकिनी नदी के संगम पर स्थित झूला पुल वर्ष 2013 की आपदा में बह गया था। लंबे इंतजार के बाद अब 10 साल बाद पुल निर्माण कार्य शुरू हो गया है। नगर पंचायत नंदप्रयाग की ओर से जिला प्रशासन की मदद से पुल का निर्माण किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था ने आगामी जनवरी माह तक पुल निर्माण कार्य पूरा करने का दावा किया है। पुल न होने से समीपवर्ती 20 से अधिक गांवों के ग्रामीण चार किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर संगम पर पहुंच रहे थे।
निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. हिमानी वैष्णव ने बताया कि नंदप्रयाग के बगड़, मासौं, देवखाल, डिडोली, कफलखेत, छेमी, दादड़, देवर, कंडेरी, गंजेड़, त्रिशुला, सेम, सांकरी, बामनाथ, देवीखेत के साथ ही 20 से अधिक गांवों के ग्रामीण नंदाकिनी नदी पर स्थित पुल से नंदप्रयाग बाजार पहुंचते थे। शवदाह के लिए भी ग्रामीण इसी पुल से होते हुए संगम पर पहुंचते थे। वर्ष 2013 की आपदा में पुल बह जाने से ग्रामीण करीब चार किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर रहे थे। कई बार के प्रयासों के बाद अब पुल के लिए शासन स्तर से धनराशि अवमुक्त हुई है। नगर पंचायत के ईओ जयदीप खत्री ने बताया कि जनवरी माह तक पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।