बीडीसी बैठक में जिले से एक भी विभागीय अधिकारी के न पहुंचने पर सदन ने निंदा प्रस्ताव पारित किया और लोनिवि, पीएमजीएसवाई व ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। सदस्यों की शिकायत पर ब्लाक प्रमुख डा. दर्शन दानू ने तीनों विभागों के कामों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया और 22 मई तक जांच पूरी करने को कहा। वहीं धुरा धारकोट के ग्राम प्रधान बख्तावर बिष्ट ने पंचायती राज निदेशक पर अपनी ग्राम सभा का नाम धारकोट लगा सूया रखने की मांग की और सदन के बाहर धरना दिया।
बीडीसी बैठक में सदस्यों ने देवाल-लोहाजंग-वाण, देवाल-खेता-मानमती, हाटकल्याड़ी-बेराधार, सवाड़, घेस-हिमनी, सूया सड़कों पर स्कपर क्षतिग्रस्त व नाली न होने पर आक्रोश जताया। कहा कि तोरती, मोपाटा, बेराधार सड़कों का मलबा लोगों के खेतों में डाला गया, जिसका मुआवजा नहीं मिला। साथ ही ताजपुर-ल्वाणी सड़क का एलाइमेंट बदलने का आरोप भी लगाया गया। इस सड़क का मलबा वन भूमि में डालने पर रेंजर टीएस बिष्ट ने कहा कि मामले में वन विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था पर 24 लाख का जुर्माना लगाया गया है। कहा कि ऊर्जा निगम ने बिजली की लाइन बिछाने में 27 करोड़ खर्च कर दिया, लेकिन गांव में बिजली लाइन अभी भी ठीक नहीं बिछी हैं। पुराने बिजली के पोलों पर पेंट कर नया दिखा दिया है। सदन ने इसकी जांच की मांग की, जिस पर ऊर्जा निगम के ईई विनीत सक्सेना ने छह जून तक ब्लॉक की सभी गांव की बिजली लाइन ठीक करने का आश्वासन दिया। बैठक में ज्येष्ठ उपप्रमुख संगीता बिष्ट, कनिष्ठ उपप्रमुख हीरा सिंह, जिपंस आशा धपोला, कृष्णा बिष्ट, प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, बीडीओ अशोक कुमार शर्मा, दिलमणी जोशी, थानाध्यक्ष बृजमोहन राणा, प्रतापराम, जीवन मिश्रा, बख्तावर सिंह, सीमा बिष्ट, प्रद्युमन सिंह, उर्वीदत्त आदि मौजूद थे।