मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोमवार को चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जिलाधिकारी व जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आगामी 30 अप्रैल तक यात्रा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं पूरी करना सुनिश्चित करें। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि हृदय रोग से ग्रसित तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए बदरीनाथ धाम में कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) की तैनाती की जाएगी। बदरीनाथ हाईवे का सर्वे करवाया गया है, जिसमें 14 बोटल नेक प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें 31 मार्च तक ठीक कर लिया जाएगा। यात्रा रूट पर 21 हॉस्पिटल संचालित हैं, जिसमें 11 एलोपैथिक तथा 10 आयुर्वेदिक शामिल हैं। इस मौके पर एसपी यशवंत सिंह चौहान, एडीएम अनिल चन्याल, एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि के एसई मुकेश परमार, डिप्टी सीएमओ डा. उमा रावत आदि मौजूद थे।
कई जगहों पर संकरा व खतरनाक हो गया है हाईवे
गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर अभी भी 14 डेंजर जोन पार कर तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे। कई जगहों पहाड़ियों की अधूरी कटान से हाईवे बेहद संकरा और खतरनाक हो गया है।
ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य से गुलाबकोटी, चमोली चाड़ा, बिरही चट्टान और बाजपुर में हिल कटिंग कार्य अभी भी अधूरी पड़ी है। जोशीमठ से करीब 12 किमी पहले गुलाबकोटी में चट्टान का एक हिस्से पर कटिंग का कार्य अभी भी गतिमान है। बिरही चट्टान और चमोली चाड़े पर आधी-अधूरी हिल कटिंग हुई है। बाजपुर चट्टान में भी यही स्थिति बनी है। यहां भी नीचे अलकनंदा और दूसरी ओर चट्टानी भाग है। डीएम का कहना है कि ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य कर रही संस्था एनएचआईडीसीएल को 15 अप्रैल तक हाईवे पर पूरी तरह से डामरीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्यूरो