फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साधु हत्याकांड: खूब हंसी मजाक कर रहे थे दोनों साधु, फिर क्यों की हत्या...घबराए आरोपी ने रोते-रोते बताई कहानी

Wed, 02 Aug 2023 03:07 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर ( चमोली)

सार

बदरीनाथ धाम में बाबा काली कमली धर्मशाला में रह रहे एक साधु ने दूसरे साधु की हथौड़े से मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने थाने आकर खुद ही हत्या की जानकारी देकर आत्मसमर्पण कर दिया। मामला जमीन विवाद का बताया गया।
विज्ञापन
बदरीनाथ धाम में साधु की हत्या - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बाबा काली कमली धर्मशाला के मैनेजर पूरण सिंह ने बदरीनाथ थाने में दी तहरीर में बताया कि दोनों साधु कई वर्षों से बदरीनाथ धाम में रह रहे थे। आरोपी दत्तचैतन धर्मशाला के कुटिया नंबर 14 और मृतक बाबा सुनकरा रामदास 15 नंबर कमरे में रहते थे। दोनों हमेशा साथ रहते और खूब हंसी-मजाक करते थे। घटना से पहले भी दोनों साधु आपस में हंसी मजाक कर रहे थे।

विज्ञापन


मंगलवार को दोपहर में जब दत्तचैतन अकेला दिखाई दिया और बाबा सुनकरा के कमरे में ताला लगा हुआ था तो दत्तचैतन से पूछा कि बाबा कहां है और दोनों सुबह से क्यों नहीं दिखाई दिए। इस पर वह घबरा गया और रोने लगा। पूछने पर दत्तचैतन ने बताया कि गुस्से में उसने बाबा सुनकरा के सिर पर हथौड़ा मार दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। उसका शव अपने कमरे में छुपा रखा है।

हत्या करने के बाद अलकनंदा में नहाने पहुंचा साधु
हत्यारोपी साधु ने पुलिस को बताया कि हत्या करने के बाद उसने शव को अपनी चारपाई के नीचे रख दिया। जब धाम में तीर्थयात्री और स्थानीय लोग सो गए तब वह रात करीब डेढ़ बजे अलकनंदा में नहाने पहुंचा। नहाने के बाद वह फिर कमरे में पहुंचा। दोनों साधु पिछले कई साल से बदरीनाथ धाम में रह रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

धाम में रह रहे हैं 120 साधु-संत
बदरीनाथ धाम में इन दिनों लगभग 120 साधु-संत रह रहे हैं। अधिकांश साधु धाम में भिक्षावृति करते हैं। ये बदरीनाथ के आस्थापथ पर बैठे रहते हैं। कुछ साधु अपनी कुटिया में रहते हैं। धाम के समीप भी कई साधुओं की धर्मशालाएं हैं। छह माह तक बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने पर भिक्षावृत्ति वाले साधु वापस लौट जाते हैं। कुछ साधु शीतकाल में भी धाम में ही निवास करते हैं। वे धाम में तपस्या करने के लिए जोशीमठ तहसील प्रशासन से अनुमति लेते हैं। पिछले वर्ष 33 साधुओं ने धाम में तपस्या करने की अनुमति मांगी थी, इस पर तहसील प्रशासन ने 12 को अनुमति दी थी।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand:  नैनीताल के ओखलढूंगा में फटा बादल, घरों में घुसा पानी और मलबा, सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए लोग
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें