बदरीनाथ जाने वाले यात्री शुक्रवार रात से पीपलकोटी में ही फंसे हैं। शुक्रवार रात क्षेत्र में भारीबारिश होने से हाईवे पर लामबगड़ के स्लाइडजोन, पागलनाला, गुलाबकोटी (लंगसी) और पीपलकोटी के भनेरपानी में हाईवे बंद हो गया था। अन्य जगह हाईवे खोल दिया गया, लेकिन भनेरपानी में अभी बंद है। इसके रविवार तक खुलने के आसार हैं।
भनेरपानी में एनएच की जेसीबी मलबा हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों की वजह से मार्ग खोलने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। बदरीनाथ जाने वाले यात्री पीपलकोटी में ही फंसे रह गए हैं। जो यात्री शुक्रवार को पीपलकोटी से आगे निकल गए थे, वही शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंच पाए हैं।
व्यापार संघ ने बांटे बिस्कुट और पानी की बोतलें
हाईवे बंद होने से भनेरपानी में फंसे बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को व्यापार संघ पीपलकोटी ने निजी वाहन ले जाकर बिस्कुट और पानी की बोतलें बांटी गईं। इस कार्य में व्यापार संघ के अध्यक्ष दीपक राणा, महामंत्री उमेश हटवाल, प्रचार मंत्री रजत शाह, अजय भंडारी, अतुल शाह, विमल मलासी आदि का सहयोग रहा।
तोताघाटी में रोड कटिंग के दौरान ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे का लगभग 60 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया। इससे यहां छोटे वाहनों की आवाजाही भी ठप हो गई। कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी (एनएच खंड) के मुताबिक सड़क खुलने में अभी दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
ऑल वेदर रोड परियोजना के लिए चुनौती बने तोताघाटी पैच में कटिंग के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पहले ही बंद करा दी गई है। छोटे वाहनों को केवल दिन के वक्त आवाजाही की इजाजत दी गई थी। यहां ब्लास्टिंग कर पहाड़ी को तोड़ा जा रहा है। शनिवार तड़के लगभग 3 बजे पहाड़ी टूटने के साथ ही हाईवे का पुश्ता ढह गया।
जब अधिकारी यहां पहुंचे, तो सड़क का नामोनिशान मिट चुका था। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त निर्माण कार्य में लगा कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था। टीम लीडर जेके तिवारी के अनुसार सड़क ध्वस्त होने की सूचना तत्काल मुनिकीरेती और कीर्तिनगर पुलिस को दी गई। वहां से वैकल्पिक मार्ग से ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया।
कार के ऊपर गिरे पत्थर
ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर तीनधारा के पास शनिवार सुबह पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। उस वक्त यहां देवप्रयाग से देहरादून के निकले योगेश की कार गुजर रही थी। उसमें पलेठी निवासी अजय सिंह भी सवार थे। उनका इंटरव्यू था। पत्थर गिरते देख योगेश ने कार को तेजी से आगे बढ़ा दिया। इसके बावजूद पत्थर कार के बोनट और पिछले हिस्से में लगे। बड़ी क्षति होने से बाल बाल बची।
प्रदेशभर में बीते दो दिनों से बारिश के कारण तीन नेशनल हाईवे और सात स्टेट हाईवे समेत 147 सड़कें मलबा आ जाने के कारण बंद हो गईं। बारिश के कारण कुछ सड़कों को नुकसान भी पहुंचा है। इनमें से 58 सड़कों को खोल दिया गया। लेकिन 89 सड़कें अब भी बंद हैं। लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा के मुताबिक, विभागीय मशीनरी सड़कों को खोलने में जुटी है। मौसम ने साथ ही दिया तो रविवार को अधिकांश सड़कें खोल दी जाएंगी।
राज्य आपदा परिचालन केंद्र के मुताबिक, शनिवार तक बारिश के कारण भूस्खलन होने से यमुनोत्री राजमार्ग उत्तरकाशी में पाली घाट पर बंद हो गया, जिसे 12 घंटे बाद खोला जा सका है। चंपावत में टनकपुर चंपावत मार्ग स्वाला तथा कुठोल के पास अवरुद्ध रहा। पिथौरागढ़ में तवाघाट पांगला, गुंजी-कुट्टी व मालपा बूंदी मार्ग से आवाजाही बाधित है।
थल-मुनस्यारी मार्ग को रातीगाड़ और हरडिया में नुकसान हुआ है। तवाघाटा- सोबला, तवाघाट-पांगला तथा पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग भी बंद है। चमोली में बंद रहा गुलाबकोट-लंगसी मार्ग खोल दिया गया है। बंद सड़कों में सबसे अधिक 41 ग्रामीण सड़कें हैं। सड़कों को खोलने के लिए विभाग ने 208 मशीनें लगाई हैं।
प्रशासन की टीम बाड़ाहोती रवाना
भारत-चीन सीमा क्षेत्र में सीमा पार की गतिविधियों का जायजा लेने के लिए चमोली जिला प्रशासन की 17 सदस्यीय टीम बाड़ाहोती के लिए रवाना हो गई है। टीम क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान, सरहद पर डटी सेना व आईटीबीपी के जवानों की व्यवस्थाएं देखकर लौटेगी।
प्रशासन की टीम प्रतिवर्ष दो बार सीमा क्षेत्रों में बर्फ पिघलने के बाद सीमा क्षेत्र की रैकी पर जाती है। हाल के दिनों में भारत व चीन के बीच चल रही तनातनी को देखते हुए प्रशासन की टीम का यह दौरा अहम माना जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि मलारी से आगे आपदा से मार्ग बदहाल स्थिति में है। टीम सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।