29 को घोषित होगी बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि
27 को लक्ष्मी-नारायण मंदिर डिम्मर में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा जाएगा गाड़ू घड़ा तेल कलश
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। परंपरा के अनुसार आगामी 29 जनवरी को वसंत पंचमी के मौके पर नरेंद्रनगर राज दरबार में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने और भगवान के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिल का तेल निकालने की तिथि घोषित की जाएगी।
बुधवार को श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत की विनोद डिमरी की अध्यक्षता में हुई बैठक भगवान बदरी विशाल के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिल के तेल क लिए गाड़ू घड़ा कलश को योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर से नरेंद्रनगर टिहरी राज दरबार ले जाने का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया। अध्यक्ष विनोद डिमरी ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के डिमरी पुजारियों द्वारा गाड़ू घड़ा तेल कलश को 27 जनवरी को योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर जोशीमठ में पूजा-अर्चना करने के बाद रात्रि प्रवास के लिए पौराणिक लक्ष्मी-नारायण मंदिर डिम्मर में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा जाएगा। 28 जनवरी को श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर डिम्मर में महाभिषेक पूजा-अर्चना के बाद गाडूघड़ा कलश यात्रा का रात्रि प्रवास ऋषिकेश में होगा। 29 जनवरी को वसंत पंचमी के पर्व पर गाडूघड़ा कलश यात्रा ऋषिकेश से नरेंद्र नगर राज दरबार में पहुंचेगी, जहां पौराणिक परंपराओं के अनुसार टिहरी नरेश और महारानी की मौजूदगी में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और भगवान के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिल का तेल निकालने की तिथि घोषित की जाएगी।
बैठक में पंचायत के सदस्यों ने राज्य सरकार की ओर से बनाए गए देवस्थानम विधेयक के प्रति नाराजगी जताते हुए आगामी यात्राकाल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने पर भी चर्चा की। बैठक में केंद्रीय पंचायत के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद डिमरी, डिम्मर-उमट्टा पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, रविग्राम-पाखी डिमरी पंचायत के अध्यक्ष ज्योतिष डिमरी, पंकज डिमरी, अनुज डिमरी, नरेंद्र प्रसाद डिमरी, गोवर्धन प्रसाद डिमरी, डा. भुवनेश्वर प्रसाद डिमरी, संजय डिमरी, विपुल डिमरी, टीका प्रसाद डिमरी, प्रवेश डिमरी, भास्कर डिमरी आदि मौजूद थे।