पांडुकेश्वर में जांति मेले के दौरान पारंपरिक नृत्य करतीं स्थानीय महिलाएं।
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पांडुकेश्वर में आयोजित हो रहे जांति मेले को देखने के लिए भारी तादात में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रविवार को मेले के दौरान कुबेर, घंटाकर्ण और कैलाश देवता ने दूध और गंगाजल से स्नान किया। इसके बाद देव नृत्य आयोजित हुआ।
सोमवार को तड़के कैलाश देवता के अवतारी पुरुष घंटाकर्ण मंदिर के गर्भगृह में जांति अग्नि कुंड में रखी लोहे की जांति को अपने हाथों से उठाकर नृत्य करेंगे। इसी के साथ पिछले एक पखवाड़े से चल रहे जांति मेले का समापन भी हो जाएगा। रविवार को महिलाओं ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मांगलिक गीतों का गायन कर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी। मेला समिति के सचिव रामनारायण भंडारी का कहना है कि भगवान घंटाकर्ण के मंदिर में मकर संक्रांति से जांति मेले का शुभारंभ हुआ था।