आदिबदरी। आदिबदरी धाम में इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे हैं। दशहरे के बाद से यहां आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। मंदिर समिति के महासचिव हिमेन्द्र कुंवर ने बताया कि इस वर्ष अब तक 60 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने आदिबदरी नाथ जी के दर्शन किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दशहरे के बाद से तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार और बृहस्पतिवार को करीब 500 तीर्थयात्रियों ने आदिबदरी के दर्शन किए। इनमें दो दर्जन से अधिक विदेशी श्रद्धालु भी शामिल थे। ये स्कॉटलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कजाकिस्तान और जर्मनी से आए थे। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी दक्षिण भारत के तीर्थयात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। दिल्ली, मेरठ और हरिद्वार से यात्रा एजेंसियों की बसें रोजाना यात्रियों को लेकर पहुंच रही हैं।
डिम्मर में संस्कृत भाषा के उत्थान पर गोष्ठी आयोजित
कर्णप्रयाग। ब्लॉक के संस्कृत ग्राम डिम्मर में देव वाणी संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार में दायित्वधारी रमेश गड़िया ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गड़िया ने कहा कि संस्कृत भारत की राष्ट्रीय चेतना और संस्कारों का प्राण है। उन्होंने बताया कि डिम्मर के ग्रामीण पौराणिक काल से संस्कृत के उत्थान में कार्य कर रहे हैं। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान हरिद्वार के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र पंत ने डिम्मर के प्रयासों को अनुकरणीय बताया। संस्थान के शोध अधिकारी हरीश गुरूरानी ने कहा कि आदर्श संस्कृत ग्रामों का वातावरण संस्कृत को दैनिक जीवन की बोली भाषा बना सकता है। कार्यक्रम में महिलाओं ने संस्कृत में स्वागत गीत और स्वाति वाचन प्रस्तुत किया। इस मौके पर संस्कृत प्रशिक्षक दुर्गेश सती, नरेश खंडूड़ी सहित कई लोग मौजूद थे।