नगर में भारी पेयजल संकट गहराया हुआ है। स्थिति यह है कि लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए करीब एक किमी दूर जाना पड़ रहा है। लोगों ने जल संस्थान से टैंकरों से आपूर्ति करने की मांग की है।
दो सप्ताह से जोशीमठ के गांधी नगर, नरसिंह मंदिर, सिंहधार, डाडौं, मनोहर बाग, सुनील और अपर बाजार मोहल्लों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। कभी मध्य रात्रि को तो कभी शाम के समय पेयजल सप्लाई हो रही है। स्थानीय निवासी संतोषी रावत, ममता भट्ट और अंजू रावत का कहना है कि पीने के लिए पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो रखा है।
पानी की कमी से खाना पकाने में भी दिक्कत हो रही है। कहा कि जल संस्थान की ओर से टैंकरों से भी पेयजल व्यवस्था नहीं की जा रही है। जोशीमठ नृसिंह मंदिर में स्थित दंड धारे पर भी पानी सूख गया है। वहीं, जोशीमठ के पल्ला गांव में भी वर्षों पुराने प्राकृतिक जल स्रोत पर पानी की मात्रा बेहद कम होने से ग्रामीण रतजगा कर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी जोशी का कहना है कि जोशीमठ के लिए सप्लाई हो रही पेयजल लाइन के स्रोत पर पानी की मात्र दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। नगर के लिए शीघ्र टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। जिन अन्य जगहों पर भी पेयजल किल्लत की सूचना मिलती है, तो वहां भी टैंकरों से ही आपूर्ति की जाएगी।